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दर्दनाक हादसा: स्कूल बस का पहिया सिर पर चढ़ा, पांच साल की मासूम की मौत

Tue, 06 Sep 2022 12:03 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, कुशीनगर

सार

स्कूल की बस बच्ची को छोड़ने के लिए उसके घर के सामने रुकी। बच्ची बाईं तरफ उतरी, जबकि उसका घर दाईं तरफ था। इसलिए वह बस के आगे से अपने घर जाने लगी। बच्ची पर बिना ध्यान दिए चालक ने बस को आगे बढ़ा दिया। बस का पहिया बच्ची के सिर पर चढ़ गया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्कूल प्रबंधन और बस चालक की लापरवाही की वजह से काजीपुर गांव में सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे एक पांच वर्षीय बच्ची की जान चली गई। निजी स्कूल में नर्सरी कक्षा में पढ़ने वाली आराध्या स्कूल की बस से उतर कर अपने घर जा रही थी तभी चालक ने बस चला दी। चपेट में आने से बच्ची गिर गई और बस का पहिया उसके सिर पर चढ़ गया, जिससे उसकी मौके पर ही जान चली गई। बच्ची के चाचा की शिकायत पर पुलिस ने बस चालक और स्कूल प्रबंधक के खिलाफ केस दर्ज किया है। 

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पटहेरवा थाना क्षेत्र के काजीपुर गांव निवासी रामबाबू यादव की पुत्री आराध्या (5) तुर्कपटी थाना क्षेत्र के गड़हिया स्थित एक निजी स्कूल में नर्सरी कक्षा में पढ़ती थी। दोपहर करीब डेढ़ बजे स्कूल की बस बच्ची को छोड़ने के लिए उसके घर के सामने रुकी। बच्ची बाईं तरफ उतरी, जबकि उसका घर दाईं तरफ था। इसलिए वह बस के आगे से अपने घर जाने लगी। चालक ने बच्ची की तरफ ध्यान नहीं दिया, उसने बस को आगे बढ़ा दिया। बच्ची बस की चपेट में आकर गिर गई। जब तक चालक ब्रेक मारता तब तक बस का पहिया बच्ची के सिर पर चढ़ गया।

मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। लोगों का कहना था कि बस में यदि परिचालक होता तो बच्ची की जान बच जाती। घटना को देख परिजनों में चीख-पुकार मच गई। शोरगुल सुनकर काफी संख्या में ग्रामीण जुट गए। बस को रोककर चालक को बैठा लिया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। 
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मामले में देर शाम पुलिस ने आराध्या के चाचा श्याम बाबू की तहरीर पर चालक जैनुदीन निवासी लवकुश और स्कूल प्रबंधक रहमत अली के खिलाफ लापरवाही व दुर्घटना की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। थानाध्यक्ष अखिलेश सिंह ने बताया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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स्कूल बस में चालक, परिचालक, सीसीटीवी कैमरा, जीपीएस सहित अन्य सुरक्षा के साधन होने चाहिए। जिले में अभियान चलाकर स्कूली बस को चेक किया जा रहा है। बीते शुक्रवार को पांच बसों का चालान किया गया है। स्कूल बस में परिचालक नहीं है, तो जांच करके कार्रवाई की जाएगी। - मोहम्मद अजीम, एआरटीओ

खलासी होता तो बच जाती अराध्या की जान 
स्कूल बस से घर के पास उतरी मासूम आराध्या के साथ हुई हृदय विदारक घटना के बाद काफी संख्या में ग्रामीण जुट गए थे। लोगों का कहना था कि यदि बस में खलासी होता तो बच्ची की जान नहीं जाती। स्कूल बस से बच्चों को उतारने के बाद उन्हें सड़क पार कराने और घर तक सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी खलासी की होती है। लोगों का आरोप है कि बस ड्राइवर तेज गति से बस चलाता है। जल्दबाजी में वह बस लेकर चलता है। इसी कारण बच्ची के साथ हादसा हुआ। 

घर की इकलौती पुत्री थी
काजीपुर गांव में घर के पास हुई दुर्घटना में एक मां की गोद सूनी हो गई। विश्वनाथ यादव के तीन पुत्रों में रामबाबू यादव की आराध्या इकलौती पुत्री थी। पूरा परिवार उससे बेहद प्रेम करता था। घटना के बाद हर किसी की आंखें नम थीं। सबसे बुरा हाल बच्ची के बाबा विश्वनाथ और चाचा श्याम बाबू का था। बाबा पोती के लिए दहाड़ मारकर रो रहे थे। चाचा भतीजी के लिए बिलख रहे थे।
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