स्कूल बस में चालक, परिचालक, सीसीटीवी कैमरा, जीपीएस सहित अन्य सुरक्षा के साधन होने चाहिए। जिले में अभियान चलाकर स्कूली बस को चेक किया जा रहा है। बीते शुक्रवार को पांच बसों का चालान किया गया है। स्कूल बस में परिचालक नहीं है, तो जांच करके कार्रवाई की जाएगी। - मोहम्मद अजीम, एआरटीओ
खलासी होता तो बच जाती अराध्या की जान
स्कूल बस से घर के पास उतरी मासूम आराध्या के साथ हुई हृदय विदारक घटना के बाद काफी संख्या में ग्रामीण जुट गए थे। लोगों का कहना था कि यदि बस में खलासी होता तो बच्ची की जान नहीं जाती। स्कूल बस से बच्चों को उतारने के बाद उन्हें सड़क पार कराने और घर तक सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी खलासी की होती है। लोगों का आरोप है कि बस ड्राइवर तेज गति से बस चलाता है। जल्दबाजी में वह बस लेकर चलता है। इसी कारण बच्ची के साथ हादसा हुआ।
घर की इकलौती पुत्री थी
काजीपुर गांव में घर के पास हुई दुर्घटना में एक मां की गोद सूनी हो गई। विश्वनाथ यादव के तीन पुत्रों में रामबाबू यादव की आराध्या इकलौती पुत्री थी। पूरा परिवार उससे बेहद प्रेम करता था। घटना के बाद हर किसी की आंखें नम थीं। सबसे बुरा हाल बच्ची के बाबा विश्वनाथ और चाचा श्याम बाबू का था। बाबा पोती के लिए दहाड़ मारकर रो रहे थे। चाचा भतीजी के लिए बिलख रहे थे।