गोरखपुर। चीनी की कृत्रिम कमी उत्पन्न होने से उसकी कीमतों में हुई वृद्धि वास्तविक गांग आपूर्ति की स्थिति पर आधारित नहीं होने और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने के बावजूद बाजार में कमी होने के कारण डिप्टी आरएमओ अरविंद कुमार दुबे के नेतृत्व में पांच हाेलसेल प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इस जांच में सर्वाधिक 115 मीट्रिक टन चीनी ज्योति ट्रेडर्स में मिली। स्टाॅकिस्टों को निर्देश है कि 400 एमटी से अधिक चीनी का स्टाॅक कोई नहीं रख सकेगा। यह जानकारी डिप्टी आरएमओ अरविंद कुमार दुबे ने दी। उन्होंने बताया कि चंदन ट्रेडर्स गोला में 90 मीट्रिक टन चीनी का स्टाॅक मिला। धर्मा ट्रेडर्स साहबगंज में 34 मीट्रिक टन, नंद ट्रेडिंग कंपनी इस्माइलपुर में 24 एमटी, सुनील ट्रेडिंग कंपनी साहबगंज मंडी में स्टाॅक शून्य मिला।
डिप्टी आरएमओ ने बताया कि केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार, चीनी का कोई भी डीलर स्टॉक की प्राप्ति के बाद 30 दिन से अधिक अवधि तक स्टॉक का भंडारण नहीं करेगा और कोई भी चीनी डीलर किसी भी समय पर व किसी भी स्थान पर 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रखेगा।