राजस्व बकाया वसूली को लेकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व सदर तहसील के एसडीएम गौरव सिंह सोगरवाल ने सख्ती शुरू कर दी है। इसी क्रम में शनिवार को तहसील प्रशासन ने 46.58 लाख बकाये के मामले में जहां पांच लोगों को हिरासत में ले लिया वहीं दो दुकानें सील कर दी गईं। बकाया राशि की पूरी या आधी धनराशि जमा करने पर बकायेदारों को देर शाम तहसील के लॉकअप से छोड़ा गया।
कार्रवाई करने वाली टीम का नेतृत्व कर रहे सदर तहसीलदार डॉ संजीव दीक्षित ने बताया कि टीम ने बकाया नहीं जमा करने पर बौलिया रेलवे कॉलोनी के सुजीत कुमार को हिरासत में ले लिया। उनपर यूको बैंक का 5,93,825 रुपये का बकाया था। इसी तरह 12,64,771 रुपये के बकाए पर बशारतपुर के उदय भान सिंह, बैंक ऑफ इंडिया के 1,35,000 के बकाए पर शाहपुर के श्रीकांत जायसवाल, आठ लाख के बकाए पर विवेक मद्धेशिया तथा 1,65,000 के विद्युत बिल के बकाए पर रतन लाल गुप्ता को हिरासत में लेकर सदर तहसील परिसर में बने लॉकअप में बंद कर दिया। देर शाम तक बकाया राशि की पूरी या आधी रकम जमा करने और बाकी का भुगतान जल्द करने के आश्वासन पर सभी को छोड़ दिया गया।
तहसीलदार ने बताया कि बार-बार की नोटिस के बाद भी बकाया नहीं जमा करने पर तहसील प्रशासन ने रेती रोड स्थित फ्रेंड्स मोबाइल नामक दुकान सील कर दी। दुकान के मालिक पर 11,50,000 रुपये का बकाया था। साथ ही 5,50,000 रुपये के बकाए पर भालोटिया बाजार स्थित नवरत्न अग्रहरि की दुकान भी सील कर दी गई। टीम में मुख्य रूप से नायब तहसीलदार राधेश्याम गुप्ता, राजस्व संग्रह अमीन योगेंद्र प्रसाद चौबे, सुरेंद्र तिवारी, दिनेश कुमार, वशिष्ट सिंह, अजय ओझा, लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, अखिलेश कुमार शामिल थे।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि राजस्व बकायेदारों की सूची तैयार की गई है। अभियान चलाकर सभी से वसूली की जाएगी। नोटिस के बाद भी रकम नहीं जमा करने वालों पर सख्ती की जाएगी। उन्हें हिरासत में लिया जाएगा। संपत्ति सील कर उसकी निलामी भी की जा सकती है।