रात 11.17 बजे आरोपी असलहा लहराते हुए छात्रनेता के घर पहुंचे। छह मिनट में आरोपियों ने गालियां देते हुए पूरे परिवार को मारने की धमकी दी। घर में घुसने की भी कोशिश की। इस दौरान दरवाजे पर खड़ी मां संध्या यादव बार-बार माफी मांगती रहीं। आरोपियों ने सड़क पर खड़े होकर कई राउंड फायरिंग की, जिससे घर के अंदर पिता और दो बहनें डर के मारे दुबकी रहीं।
छात्रनेता उज्ज्वल की मां संध्या ने घर के बाहर खड़े होकर गाली और धमकी दे रहे आर्थक और उसके साथियों के पैर पकड़ माफी मांगी। इसके बाद भी आर्थक नहीं माना और उन्हें थप्पड़ जड़ दिए। इसके बाद ताबड़तोड़ आठ राउंड फायरिंग कर दहशत फैला दी।
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इसका पर्दाफाश छात्रनेता के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद वीडियो फुटेज के जरिये हुआ। पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं लग्जरी कार में बैठे दो अन्य साथियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
सपा से जुड़े छात्रनेता उज्ज्वल यादव के घर फायरिंग और धमकी के मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आर्थक प्रताप सिंह, अनीश शुक्ला और विपिन कुमार उर्फ आलोक कुमार सिंह के खिलाफ पहले से कई जिलों के थानों में प्राथमिकी दर्ज हैं।
आर्थक प्रताप सिंह पर कुशीनगर के रामकोला थाने में आर्म्स एक्ट, 7 सीएलए और शहर के कोतवाली, कैंट और खोराबार में मारपीट, जानलेवा हमला, धमकी देने की धाराओं में कई मामले दर्ज हैं।
वहीं अनीश शुक्ला पर तिवारीपुर थाने में मारपीट, तोड़फोड़, धमकी और सार्वजनिक अशांति, एससी/एसटी एक्ट और आर्म्स एक्ट में दर्ज हैं। उधर, विपिन कुमार उर्फ आलोक कुमार सिंह पर एम्स और कोतवाली थाने में हत्या, घरेलू हिंसा, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट व बीएनएस के तहत कई संगठित आपराधिक मामले दर्ज हैं।
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि इन तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी उनकी आपराधिक प्रवृत्ति और पूर्व मामलों के आधार पर की गई। आर्थक प्रताप सिंह पहले कुशीनगर में डांसर को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपी रह चुका है। विपिन कुमार पहले भी फायरिंग और हत्या की कोशिश में आरोपी रहा है।
अनीश शुक्ला के खिलाफ भी मारपीट और सार्वजनिक अशांति के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि इनकी गिरफ्तारी से उज्ज्वल यादव के परिवार पर हुए हमले की जांच में मदद मिली। वहीं, दो अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। पुलिस ने कहा कि सभी आरोपियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की पूरी जांच की जाएगी।
रात 11.17 बजे असलहा लहराते पहुंचे थे हमलावर
रात 11.17 बजे आरोपी असलहा लहराते हुए छात्रनेता के घर पहुंचे। छह मिनट में आरोपियों ने गालियां देते हुए पूरे परिवार को मारने की धमकी दी। घर में घुसने की भी कोशिश की। इस दौरान दरवाजे पर खड़ी मां संध्या यादव बार-बार माफी मांगती रहीं।
आरोपियों ने सड़क पर खड़े होकर कई राउंड फायरिंग की, जिससे घर के अंदर पिता और दो बहनें डर के मारे दुबकी रहीं। इस दौरान मोहल्ले के लोग झुंड बनाकर निकल रहे थे, गाड़ियां आती-जाती रहीं, लेकिन किसी ने आरोपियों को रोकने की हिम्मत नहीं जुटाई। फायरिंग और धमकी के चलते परिवार और पड़ोसियों में दहशत व्याप्त रही। घटना लगभग 6.02 मिनट तक चली, जिससे उज्ज्वल यादव का परिवार मानसिक और शारीरिक तौर पर प्रभावित हुआ।
फॉरेंसिक टीम के पहुंचने से पहले बटोर लिए गए थे खोखे
फॉरेंसिक टीम के मौके पर पहुंचने से पहले कोतवाली पुलिस ने कारतूस के खोखे बटोर लिए। फॉरेंसिक टीम के आने के बाद पुलिस ने दोबारा खोखे व्यवस्थित रूप से फैलाए और जांच-पड़ताल शुरू की।