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चार साल पहले इस महिला गैंगस्टर ने अपराध की दुनिया में रखा था कदम, आर्केस्ट्रा संचालन के साथ की थी शुरूआत

Mon, 02 Nov 2020 09:06 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • गीता तिवारी के घर दस साल पहले पड़ा था छापा, पकड़े गए थे कई अपराधी
  • महिला संवासिनी गृह से हुई थी गीता की शादी, पति हियुवा से था निष्कासित
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महिला गैंगस्टर गीता तिवारी। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
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आज हम आपको उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की महिला गैंगस्टर के बारे में बताने जा रहे हैं। बता दें कि शहर के सूर्य विहार कॉलोनी निवासी महिला गैंगस्टर गीता तिवारी पत्नी स्व. शिवकुमार तिवारी चोरी और कई मामले में जेल जा चुकी है। गीता 20 अक्तूबर को जमानत पर रिहा होकर घर आई है। और इसी बीच शुक्रवार को उसके घर जन्मदिन की पार्टी के दौरान दो पक्षों में विवाद के बाद ताबड़तोड़ फायरिंग हो गई। हंगामे के दौरान दो लोगों को गोली भी लगी है। पढ़िए कैसे शुरू हुआ इस महिला गैंगस्टर का आपराधिक सफर...   
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ये है मामला
शादी से पहले गीता संवासिनी गृह में रहती थी। हिंदू युवा वाहिनी से जुड़े शिवकुमार तिवारी से उसकी शादी तत्कालीन डीएम ने कराई थी। शिवकुमार उस समय समाजसेवी था। बाद में वह स्मैक की तस्करी करने लगा। चार साल पहले शिवकुमार की मौत हो गई तो उसके सभी गोरखधंधे को गीता ने संभाल लिया। चोरी के मामलों में जेल गई और घर पर अपराधियों का आना-जाना हुआ तो पुलिस ने गैंगस्टर लगाकर जेल भेज दिया। कुछ दिन पहले ही वह जमानत पर जेल से बाहर आई है।
 
बताते हैं कि शिवकुमार से शादी के बाद गीता आर्केस्ट्रा का संचालन करने लगी थी। तब शिवकुमार पत्नी गीता के साथ कोतवाली इलाके में किराए के मकान में रहा करता था। करीब दस साल पहले गीता के घर पर छापा पड़ा तो पांच अपराधी पकड़े गए। इस मामले में पहली बार गीता जेल गई।
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इसके बाद शिवकुमार को हिंदू युवा वाहिनी से निकाल दिया गया। शिवकुमार कहां से आया था इसकी जानकारी किसी को नहीं है। रजाघाट इलाके में वह किराए का कमरा लेकर रहता था। इसी दौरान समाजसेवा करने लगा। हियुवा से निकाले जाने के बाद वह कोतवाली इलाके में किराए का कमरा लेकर रहने लगा और तत्कालीन डीएम के संपर्क में आने के बाद उसकी शादी गीता से हो गई।

शादी के बाद शिवकुमार आर्केस्ट्रा का संचालन शुरू कर दिया। साथ ही अपराध की दुनिया में कदम बढ़ाने लगा। पति की मौत के बाद गीता सीधे अपराधियों के संपर्क में आ गई। इसी बीच उसका आर्केस्ट्रा बंद हो गया। सीओ कोतवाली वीपी सिंह कहते हैं कि गीता चोरी में जेल गई थी। साथ ही अपराधियों के उसके घर आने जाने की जानकारी हुई तो उस पर गैंगस्टर लगाकर जेल भेज दिया गया।
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