कैंट थाना क्षेत्र के बेतियाहाता इलाके में कॉल सेंटर खोलकर जालसाजी करने वाला गैंग बीते वर्ष 18 अगस्त को पकड़ा गया था। पुलिस ने आठ सदस्यों को जेल भेजवाया था। गैंग के सदस्य जेल से छूटकर एक बार फिर रांची में कॉल सेंटर खोलकर ऑनलाइन जालसाजी करते हुए पकड़े गए हैं।
पुलिस का कहना है कि गोरखपुर से यह गैंग इंग्लैंड वासियों को निशाना बनाता था, जबकि इस बार आस्ट्रेलिया वासियों के साथ ऑनलाइन ठगी कर रहे थे। आस्ट्रेलिया के तीन लाख से अधिक लोगों के व्यक्तिगत डेटा का दुरुपयोग ठगी के लिए कर रहे थे।
रांची पुलिस ने 19 मार्च को कॉल सेंटर पर छापा मारकर दो आरोपियों गोड्डा जिला के लालमटिया, चितरकोठी के इकरामुल अंसारी और रांची के चुटिया थाना क्षेत्र के द्वारिकापुरम निवासी रविकांत को गिरफ्तार किया है।
इस गैंग का एक साथी रांची (झारखंड) सदर के पीएचडी चौक बरियातु निवासी कादिर अली अंसारी पुलिस के पहुंचने से पहले फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि इकरामुल और कादिर बेतियाहाता कॉल सेंटर से भी पकड़े गए थे। रांची पुलिस ने दोनों के आपराधिक इतिहास के साथ ही कादिर को पकड़ने के लिए गोरखपुर साइबर अपराध थाने की पुलिस से मदद मांगी है।
रांची से गोरखपुर आए थे जालसाज
सीआईडी झारखंड ने रांची के अपर बाजार स्थित किशोरगंज चौक में बीएम हाइट्स के तृतीय तल पर एक कार्यालय पर चल रहे कॉल सेंटर पर छापा मारकर आरोपियों को पकड़ा। पता चला कि रांची में 2021-22 में एक गिरोह काॅल सेंटर चलाता था। उसके बाद ये काॅल सेंटर को गोरखपुर में शिफ्ट कर दिए थे। गोरखपुर में पकड़े जाने के बाद एक बार फिर रांची में कॉल सेंटर खोले थे।
गोरखपुर जेल से 10 दिन में छूटे थे जालसाज
पुलिस ने 18 अगस्त को जालसाजों के गैंग को पकड़कर जेल भेजवाया था। यहां 10 दिन के अंदर ही एक-एक करके सभी आठ आरोपी रिहा हो गए थे।
इस तरह करते हैं ठगी
इंटरनेट स्पीड बढ़ाने के नाम पर मोबाइल में एप इंस्टाल कराते हैं, फिर हैक कर रकम निकाल लेते हैं।
एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर ने बताया कि कैंट थाना क्षेत्र में जालसाजों का गैंग पकड़ा गया था। गैंग के सदस्य जेल से छूटकर फिर जालसाजी में गिरफ्तार किए गए हैं। इनके खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई की जाएगी।