उनवल। खजनी थाना क्षेत्र के रुद्रपुर गांव में 11वीं की छात्रा की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने 15 दिन बाद तीन नामजद लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में प्राथमिकी छात्रा की मां शकुंतला देवी की तहरीर पर दर्ज हुई। दर्ज प्राथमिकी में गांव के विष्णु साहनी, गुलशन साहनी और आंचल साहनी को आरोपी बनाया गया है। मां ने आरोप लगाया है कि तीनों उनकी बेटी को फोन कर परेशान करते थे और उनकी हरकतों से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया।
मूलरूप से चिलुआताल थाना क्षेत्र के केवटलिया सिंघोरवां गांव निवासी 16 वर्षीय अर्पिता निजी इंटर कॉलेज में कक्षा 11वीं की छात्रा थी। वह रुद्रपुर स्थित अपने ननिहाल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। तीन अगस्त की दोपहर करीब पौने तीन बजे उसका शव घर के कमरे में फंदे से लटका मिला था। दोपहर में भोजन के लिए घर पहुंचे छात्रा के मौसा सुनील को मुख्य गेट अंदर से बंद मिला। आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो उन्होंने दूसरे रास्ते से अंदर जाकर देखा। कमरे में अर्पिता का शव फंदे से लटक रहा था।
सूचना पर सीओ खजनी दीपांशी राठौर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए थे। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा था।
परिजनों के अनुसार, अर्पिता के पिता शेषनाथ मुंबई में पेंट-पॉलिश का काम करते हैं। मां शकुंतला देवी भी उनके साथ रहती थीं। घटना के समय दोनों वैद्यनाथ धाम जलाभिषेक के लिए गए थे। छात्रा की मौसी करीना और स्मिता इलाज के लिए गोरखपुर गई थीं, जबकि अन्य परिजन भी घर पर नहीं थे। उसका बड़ा भाई अमन और मामा हरेंद्र मुंबई में रहते हैं।
घटना के 15 दिन बाद 17 अगस्त को छात्रा की मां ने पुलिस को नामजद तहरीर दी। उन्होंने मोबाइल कॉल डिटेल भी पुलिस को उपलब्ध कराई। पुलिस को दी गई तहरीर में छात्रा की मां ने मोबाइल काॅल डिटेल उपलब्ध कराते हुए तीनों नामजद आरोपियों पर बेटी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का गंभीर आरोप लगाया है।
सीओ खजनी दीपांशी राठौर ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।