उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां दूसरे की डिग्री प्रमाणपत्र के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग में प्रधानाध्यापिका की नौकरी करने वाली रिंकी सिंह के खिलाफ बुधवार को फर्जीवाड़ा का मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
वह हर्रैया ब्लॉक के पूरे अवधी प्राथमिक विद्यालय में तैनात थी। बीएसए जगदीश शुक्ल ने बताया कि फर्जी शिक्षिका को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है। प्रभारी निरीक्षक हर्रैया विकास यादव ने बताया कि खंड शिक्षाधिकारी हर्रैया सुभाष चंद्र की तहरीर पर आरोपित शिक्षिका के खिलाफ केस दर्ज कर जांच एसआई सुदीप कुमार यादव को सौंपी गई है।
बीएसए कार्यालय में सितंबर-2019 में फर्जी प्रमाणपत्र पर नौकरी हथियाने की शिकायत हुई थी। प्रकरण की विभागीय जांच में सामने आया कि नोएडा में कार्यरत प्रवक्ता रिंकी सिंह गोरखपुर की रहने वाली हैं। जबकि उनके प्रमाणपत्र पर नौकरी हथियाने वाली दूसरी रिंकी सिंह ने अपना पता मुखलिसपुर, खलीलाबाद जिला संत कबीर नगर दर्ज कराया है।
अस्थाई पते के तौर पर हर्रैया का पता दिया था। बीएसए ने शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच के बाद फर्जी तरीके से वर्ष-2020 में सहायक अध्यापक बनी रिंकी सिंह की सेवा समाप्त कर वेतन रिकवरी की प्रक्रिया शुरू करने के साथ मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया था।