- सात दिन में साक्ष्य के साथ जवाब प्रस्तुत करना होगा
गोरखपुर। डीएम ने चरगांवा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बालापार की प्रधान श्वेता साहनी के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई पंचायती राज के कार्यों में लापरवाही और ग्राम पंचायत की बैठकें नहीं कराने के आरोप में की गई है।
पंचायत सहायक प्रियंका गुप्ता ने 19 दिसंबर 2024 को बकाया मानदेय और अनुबंध नवीकरण के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें ग्राम प्रधान के असहयोग का जिक्र किया था। सहायक विकास अधिकारी पंचायत ने डीएम को बताया कि ग्राम प्रधान श्वेता साहनी ने कई महीनों से पंचायत की बैठकें नहीं बुलाईं, जिससे सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न हुई। ग्राम पंचायत के आठ सदस्यों ने प्रियंका के अनुबंध को समर्थन दिया, लेकिन प्रधान ने हस्ताक्षर नहीं किए।1
डीएम की ओर से 14 फरवरी 2025 को प्रधान श्वेता साहनी को नोटिस जारी किया। लेकिन श्वेता साहनी ने कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। सोमवार को डीएम कृष्णा करुणेश ने इसे कर्तव्यों के प्रति उदासीनता मानते हुए उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम के तहत ग्राम प्रधान के अधिकार सीज कर दिए हैं। प्रधान को सात दिन के भीतर साक्ष्य सहित जवाब देने को कहा गया है।