फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur Mafia: जेल में गैंगवार का खतरा...सुधीर-राकेश समेत पांच माफिया किए गए इधर-उधर

Wed, 13 Dec 2023 10:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।

सार

जिले के टॉप 10 और प्रदेश के 61 माफिया की लिस्ट में शामिल सुधीर सिंह के खिलाफ अप्रैल माह में कोर्ट से वारंट जारी हुआ। मई में नाटकीय तरीके से सुधीर सिंह ने महाराजगंज कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बाद उसे गोरखपुर जेल भेज दिया गया था।
विज्ञापन
बाएं से माफिया राकेश यादव और माफिया सुधीर सिंह। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला(
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जेल में गैंगवार की आशंका को देखते हुए माफिया सुधीर सिंह, राकेश यादव और शनि सिंह समेत पांच बदमाशों को गैर जनपद की जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। जेल प्रशासन की रिपोर्ट पर डीएम के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई है। खबर है कि माफिया अजीत शाही को भी कोर्ट से जमानत मिल गई है। वह जेल से बाहर आ गया है। एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने हाल के महीनों में दर्ज किए गए माफिया के केसों की पैरवी कोर्ट में कराने की माॅनीटरिंग तेज कर दी है।

विज्ञापन


आरोप है कि बीते 12 मई को माफिया अजीत शाही ने अपने साथियों के साथ रेलवे कोऑपरेटिव बैंक पहुंचकर कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद ही पुलिस की नजर फिर से सभी माफिया की गतिविधियों पर पड़ गई थी। एक-एक कर अंडरग्राउंड क्राइम से जुड़े माफिया पर केस दर्ज किया गया तो वे जेल में कैद हो गए।

उधर, जेल में एक साथ कई माफिया के होने पर जेल प्रशासन ने गैंगवार की आशंका जताई थी। इसके बाद डीएम के आदेश पर माफिया सुधीर सिंह को आजमगढ़, माफिया राकेश यादव को मऊ, शनि सिंह को संतकबीरनगर, मुलायम यादव को महाराजगंज और बबलू सिंह को मऊ जेल शिफ्ट किया गया है।
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: कोटा में देवरिया के छात्र की पीट-पीटकर हत्या, दो साल से इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहा था सत्यवीर

जिले के टॉप 10 और प्रदेश के 61 माफिया की लिस्ट में शामिल सुधीर सिंह के खिलाफ अप्रैल माह में कोर्ट से वारंट जारी हुआ। मई में नाटकीय तरीके से सुधीर सिंह ने महाराजगंज कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बाद उसे गोरखपुर जेल भेज दिया गया था।

माफिया अजीत शाही। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
अजीत शाही के केस की माॅनीटरिंग तेज की गई
अजीत शाही ने काला कोट पहनकर नाटकीय अंदाज में गोरखपुर की सिविल कोर्ट में 18 मई को आत्मसमर्पण किया था। करीब छह माह जेल की सजा काटने के बाद अब वह जमानत पर बाहर आ गया है। उसके जेल से बाहर आने के बाद पुलिस अलर्ट हो गई है। थाने की पुलिस अजीत शाही की निगरानी कर रही है। साथ ही हाल के महीनों में दर्ज केस की पैरवी भी तेज कर दी गई है।

इसे भी पढ़ें: एम्स के ट्राॅमा सेंटर में छह बेड का आईसीयू शुरू, इमरजेंसी में बेड हुए दोगुने

माफिया विनोद उपाध्याय। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
पकड़ में नहीं आया एक लाख का इनामी विनोद उपाध्याय
जिले के टॉप 10 और प्रदेश के 61 माफिया की लिस्ट में शामिल विनोद उपाध्याय अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है। विनोद को छोड़कर सभी अपराधी या तो जेल भेजे गए या फिर खुद पुराने मामलों में जमानत खारिज कराकर जेल चले गए। लेकिन विनोद पर एक लाख रुपये का इनाम होने के बाद भी वह पकड़ा नहीं जा सका। मई में गुलरिहा थाने में विनोद, उसके भाई संजय और अन्य गुर्गों के खिलाफ जालसाजी और रंगदारी मांगने के आरोप में केस दर्ज हुआ था। तभी से विनोद उपाध्याय फरार चल रहा है, उसपर एक लाख का इनाम भी पुलिस ने रखा है। आखिरी बार विनोद के नेपाल में होने की जानकारी मिली थी, लेकिन इसके बाद से पुलिस उसकी परछाई तक को छू नहीं पाई है।

इसे भी पढ़ें: सांसद रविकिशन ने की गोरखपुर के रास्ते राजधानी एक्सप्रेस चलाने की मांग
विज्ञापन

इन माफिया पर दर्ज हैं इतने केस
राकेश यादव - 50
सुधीर सिंह - 36
विनोद उपाध्याय - 25
अजीत शाही - 35

जेल में एक साथ कई बड़े अपराधियों की रिपोर्ट डीएम को भेजी गई थी। अनुमति मिलने के बाद सुधीर, राकेश यादव समेत पांच बदमाशों को अलग-अलग जेलों में भेज दिया गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें