माफिया अजीत शाही। (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
अजीत शाही के केस की माॅनीटरिंग तेज की गई
अजीत शाही ने काला कोट पहनकर नाटकीय अंदाज में गोरखपुर की सिविल कोर्ट में 18 मई को आत्मसमर्पण किया था। करीब छह माह जेल की सजा काटने के बाद अब वह जमानत पर बाहर आ गया है। उसके जेल से बाहर आने के बाद पुलिस अलर्ट हो गई है। थाने की पुलिस अजीत शाही की निगरानी कर रही है। साथ ही हाल के महीनों में दर्ज केस की पैरवी भी तेज कर दी गई है।
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माफिया विनोद उपाध्याय। (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
पकड़ में नहीं आया एक लाख का इनामी विनोद उपाध्याय
जिले के टॉप 10 और प्रदेश के 61 माफिया की लिस्ट में शामिल विनोद उपाध्याय अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है। विनोद को छोड़कर सभी अपराधी या तो जेल भेजे गए या फिर खुद पुराने मामलों में जमानत खारिज कराकर जेल चले गए। लेकिन विनोद पर एक लाख रुपये का इनाम होने के बाद भी वह पकड़ा नहीं जा सका। मई में गुलरिहा थाने में विनोद, उसके भाई संजय और अन्य गुर्गों के खिलाफ जालसाजी और रंगदारी मांगने के आरोप में केस दर्ज हुआ था। तभी से विनोद उपाध्याय फरार चल रहा है, उसपर एक लाख का इनाम भी पुलिस ने रखा है। आखिरी बार विनोद के नेपाल में होने की जानकारी मिली थी, लेकिन इसके बाद से पुलिस उसकी परछाई तक को छू नहीं पाई है।
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