डुमरी खास निवासी स्व. शिवनाथ रावत के पांच पुत्रों सीताराम रावत, राधेश्याम रावत, घनश्याम रावत, राकेश रावत और अश्वनी रावत में से सीताराम की मौत हो चुकी है। राधेश्याम के अनुसार पिता ने 20 साल पहले पांचों बेटों में संपत्ति का बंटवारा कर दिया था। प्रत्येक के हिस्से में 1/5 भाग आया।
बंटवारे के अनुसार घनश्याम को भी पैतृक मकान में एक कमरा और खेत में हिस्सा मिला है। घनश्याम ने अपने हिस्से के कमरे में ताला लगा रखा है, और घर से दूर जमीन खरीद कर अलग मकान बनवाकर परिवार सहित रहते हैं। पिता ने अपने जीवन में सोनबरसा बाजार स्थित मकान सभी बेटों की राय से सबसे छोटे बेटे अश्वनी को दे दिया था। इसको लेकर एक समझौता पत्र भी बना है। अब घनश्याम पिता के दिए हिस्से को नकार कर दोबारा से हिस्सा लगाने की मांग कर रहा है। आपत्ति को देखते हुए राधेश्याम ने सिविल कोर्ट में बंटवारे का एक मुकदमा दाखिल कर दिया, जो न्यायालय में विचाराधीन है।
दूसरी जगह दे चुके हैं जमीन का प्रस्ताव
पिता की मौत के बाद सोनबरसा वाले मकान में घनश्याम ने हिस्सा मांगा तो विवाद शुरू हो गया। चारों भाइयों ने घनश्याम को सोनबरसा वाले मकान के हिस्से की जगह गांव में सड़क किनारे एक कट्ठा भूमि देने का प्रस्ताव रखा, जिसे घनश्याम ने नकार दिया। पिता के बंटवारे में चार भाइयों या उनके बच्चों को कोई आपत्ति नहीं है। तहसील प्रशासन ने दो बार हल्का लेखपाल को मौके पर भेजकर स्थिति की जानकारी कराई तो पता चला कि घनश्याम को घर और खेत में हिस्सा मिला हुआ है।