- बुद्ध पीजी कॉलेज के दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल लेने जा रही थी दिव्यांजली
- दिल्ली में आईएएस की कर रही तैयारी, लखनऊ से स्कार्पियो से बेटी को लेने गए थे पिता
कुशीनगर के बुद्ध पीजी कॉलेज के दीक्षांत समारोह में दिव्यांजलि मिश्र गोल्ड मेडल लेने निकली थी। लेकिन संतकबीरनगर में हुए हादसे में पिता को खो दिया। हादसे में दिव्यांजलि भी घायल हो गई। जिला अस्पताल में दिव्यांजलि कभी अपनी मां के गले से लिपट कर रोती तो कभी गुमशुम होकर बेंच पर बैठ जाती।
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दिव्यांजलि ने रोते हुए कह रही थी कि पिता का सपना था कि वह आईएएस बने। पिछले वर्ष कुशीनगर के बुद्ध पीजी कॉलेज से प्राचीन इतिहास से परास्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। उन्हें 74 प्रतिशत अंक हासिल हुआ था। वर्तमान में वह दिल्ली में रहकर आईएएस की तैयारी कर रही है। जबकि उसके छोटे भाई अश्वनी मिश्र गोरखपुर में डिप्लोमा इन फार्मेसी की पढ़ाई कर रहे है।
दिव्यांजलि को दीक्षांत समारोह में बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे गोल्ड मेडल प्राप्त करने के लिए बुलाया गया था। वह दिल्ली से फ्लाइट से लखनऊ तक आई थी। उन्हें लखनऊ लेने के लिए पिता कन्हैया मिश्र, भाजपा नेता सुमेश चतुर्वेदी, धनंजय मल्ल, अजय शर्मा और कृष्णा यादव स्कार्पियो से पहुंचे थे। लखनऊ से बुधवार की रात ढाई बजे वह अपने पिता और अन्य लोगों के साथ कुशीनगर के लिए रवाना हुई।
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संतकबीरनगर जिले के मलोरना के पास हाईवे पर अचानक रास्ते में जानवर आ जाने से स्कार्पियो सड़क के किनारे गड्ढे में उतर कर पेड़ से टकरा गई। जिसमें पिता कन्हैया मिश्र की जान चली गई। इधर पति की मौत से पीड़ित पत्नी कुसुम का भी रो- रोकर बुरा हाल था। इकलौते बेटे अश्वनी भी पिता की मौत से गमगीन थे।