मोबाइल ले जाने पर फादर और शिक्षकों ने छात्रों को पीटा
18 छात्र चोटिल, प्रधानाचार्य पर केस दर्ज, लखनऊ के अस्पताल में भर्ती दो छात्रों का वीडियो वायरल, एक लौटा
शैक्षणिक यात्रा पर आठ अक्टूबर को नैनीताल गए थे सेंट थेरेसस स्कूल के 96 छात्र
प्रधानाचार्य ने कहा, छात्रों को पीटा नहीं गया, छात्र शराब पिए थे, मोबाइल से छात्राओं की फोटो खींच रहे थे
पडरौना (कुशीनगर)। नगर के एक प्रतिष्ठित स्कूल के छात्रों ने शैक्षणिक पर्यटन यात्रा के दौरान फादर और अध्यापकों पर पिटाई करने का आरोप लगाया है। छात्रों का आरोप है कि नौ अक्टूबर की रात करीब आठ बजे फादर होटल के कमरे में आए और मोबाइल फोन मिलने पर छात्रों को पीटकर उनका मोबाइल फोन तोड़ दिया।
फादर की पिटाई से 18 छात्र घायल हो गए, जिनमें गंभीर हाल में दो छात्रों को लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से एक छात्र लौट आया है। कोतवाली मेें प्रधानाचार्य जान जोसेफ कटापल्ली के खिलाफ पीटने, मोबाइल तोड़ने आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
छात्रों के अभिभावकों को बुधवार की सुबह तब जानकारी हुई, जब कुछ छात्र घर पहुंचे। स्कूल प्रशासन का कहना है कि दो छात्रों को डेंगू हो गया था। इसलिए उनको लखनऊ में अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
नगर के सेंट थेरेसस स्कूल के छात्रों ने बताया कि स्कूल की तरफ से आठ अक्टूबर को उनको शैक्षणिक पर्यटन यात्रा पर नैनीताल ले जाया गया था। इसमें कक्षा 10 और 12वीं के कुल 96 छात्र-छात्राएं शामिल थे। उनके साथ नौ अध्यापक भी बस से नैनीताल गए थे।
शैक्षणिक यात्रा के दौरान विद्यार्थियों के मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध था। कुछ छात्र मोबाइल और कैमरा साथ ले गए थे। इसकी जानकारी होने पर नौ अक्तूबर की रात करीब आठ बजे स्कूल के प्रिंसिपल जॉन जोसेफ होटल के कमरे में पहुंचे। उन्होंने मोबाइल फोन की जानकारी ली। 20 छात्रों का मोबाइल फोन जमा करा लिया।
छात्रों ने आरोप लगाया कि मोबाइल फोन मिलने पर प्रधानाचार्य व शिक्षकों ने पिटाई शुरू कर दी। छात्रों को जमकर पीटा। उनका मोबाइल फोन तोड़कर फेंक दिया। मारपीट में 18 विद्यार्थी चोटिल हो गए। इनमें दो छात्रों की हालत गंभीर होने पर उनको उपचार के लिए लखनऊ के सेंट जोसेफ अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अन्य छात्र बुधवार की सुबह घर पहुंच गए। बच्चों के घर पहुंचने पर परिवार के लोगों को इस घटना की जानकारी हुई। लखनऊ में भर्ती एक बच्चे का वीडियो भी तेजी से वायरल हुआ। छात्र और अभिभावकों की संयुक्त तहरीर पर पुलिस ने प्रधानाचार्य के खिलाफ कमरे में घ़ुसकर मारपीट करने, जानमाल की धमकी देने, धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित छात्रों ने जिला अस्पताल में मेडिकल भी कराया। चिकित्सीय जांच में छात्रों के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। कोतवाल राज प्रकाश सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वीडियो, छात्रों के बयान सहित अन्य तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
उधर यह भी सामने आया कि शैक्षणिक पर्यटन में गए कुछ छात्र वहां मौजूद छात्राओं का वीडियो बना रहे थे। इसकी जानकारी होने पर अध्यापकों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया। इससे छात्र विवाद करने लगे। इस दौरान शिक्षकों ने उनको पीट दिया। छात्रों का कहना है कि उन पर लगे आरोप गलत हैं। मोबाइल चेक करके नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए थी, लेकिन उनको पीटकर मोबाइल फोन तोड़ दिए गए।
एक अभिभावक ने बताया कि बेटे को प्रधानाचार्य ने लखनऊ के सेंट जोसेफ हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। मंगलवार की रात उसकी तबीयत खराब होने की सूचना हम लोगों को मिली। इसके बाद हम लोग लखनऊ पहुंचे। वहां पता चला कि प्रधानाचार्य ने कई छात्रों की पिटाई की थी। पिटाई के कारण एक छात्र बेहोश हो गया था। उसका एक हाथ भी काम नहीं कर रहा था। उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
शैक्षणिक यात्रा के दौरान मोबाइल फोन और अन्य वीडियो कैमरा ले जाने के लिए पहले ही छात्रों को मना कर दिया गया था। यात्रा के दौरान बच्चों से संपर्क के लिए संबंधित कक्षा अध्यापकों का मोबाइल नंबर अभिभावकों को दिया गया था। इसके बाद भी कुछ बच्चे मोबाइल और वीडियो कैमरा ले गए थे। वे इससे वीडियो बनाकर छात्राओं को परेशान कर रहे थे। इसके बारे में पूछने पर छात्र उग्र हो गए। कुछ बच्चों ने शराब भी पी रखी थी। दो बच्चों को डेंगू हो गया है। उनको इलाज के लिए लखनऊ में भर्ती कराया गया है। मारपीट करने का आरोप निराधार है।
फादर जान जोसेफ, प्रधानाचार्य, सेंट थेरेसस पडरौना।
स्कूल के छात्रों की पिटाई का मामला गंभीर है। इस प्रकरण में शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। लखनऊ के अस्पताल में भर्ती छात्रों के मामले की जांच होगी। वह पिटाई से घायल होने पर भर्ती कराए गए हैं या उनको किसी अन्य वजह से वहां एडमिट कराया गया है, इसकी जानकारी ली जाएगी।
-एस. राजलिंगम, डीएम, कुशीनगर