किसान अपने खेतों में या मेंड़ों पर पौधे रोपकर वन विभाग से अनुदान भी पा सकते हैं। कृषि वानिकी योजना के तहत उन्हें यह लाभ दिया जाएगा। अबतक 50 किसानों ने 35 हजार पौधों के लिए आवेदन किए हैं। अनुदान के तहत किसानों को चार सालों तक प्रति पौधे के एवज में सात रुपये मिलेंगे।
योजना की शुरुआत पिछले महीने ही हुई है। केंद्र सरकार की इस योजना में जिले में किसानों से कुल 74 हजार पौधे लगवाने की योजना है। खास बात यह है कि किसी भी वर्ग के किसान इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
केंद्र सरकार ने इसे 'पहले आओ पहले पाओ' की तर्ज पर शुरू की है। इसके तहत किसान जो वन विभाग के पास पहुंचेंगे उन्हें अपने खेत में रोपने के लिए पौधे दिए जाएंगे। साथ ही अनुदान देने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। वन विभाग की टीम किसानों को पौधों को रोपने के साथ ही इनके रखरखाव से संबंधित प्रशिक्षण भी प्रदान करेगी।
आवेदन करने वाले किसान को पौधरोपण के पहले वर्ष में 14 रुपये अनुदान के रुप में दिया जाएगा। इसमें से सात रुपये प्रति पौधा की दर से कीमत काटकर शेष सात रुपये किसान के खाते में भेज दिए जाएंगे। इसके बाद तीन साल तक सात रुपये प्रति पौधे की दर से किसानों के खाते में राशि भेजी जाएगी। डीएफओ अविनाश कुमार ने बताया कि फिलहाल 35 हजार पौधों के आवेदन आ गए हैं। बाकी पौधों के लिए प्रचार प्रसार किया जा रहा है। किसान अपने रेंज में जाकर वन अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।