लॉकडाउन के बीच जिला प्रशासन ने दुकानों-प्रतिष्ठानों के नकली पास बनाने के सनसनीखेज मामले का भंडाफोड़ किया है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल ने इस मामले में शहर के तीन ज्वेलर्स समेत पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज करने के लिए कोतवाली और तिवारीपुर थाने की पुलिस को निर्देश दिया है। माना जा रहा है कि इस खेल में अभी और भी कुछ लोगों पर कार्रवाई हो सकती है।
लॉकडाउन के दौरान स्टेशनरी, चश्मा, मोटर सर्विस सेंटर, बिल्डिंग मैटेरियल और इलेक्ट्रानिक्स समेत आठ प्रकार के प्रतिष्ठानों के पास जारी करने की व्यवस्था के बाद कुछ ने इसका गलत इस्तेमाल भी शुरू कर दिया है।
स्वीकृत हुए पास की मदद से निरस्त हुए आवेदनों पर भी कुछ प्रतिष्ठानों के स्वीकृत पास तैयार कर दिए जा रहे। दो दिन पहले प्रतिबंध के बाद भी जब कुछ ज्वेलरी की दुकानें खुली तो आस-पास के दूसरे ज्वेलर्स ने ही इसका विरोध शुरू करदिया।
मामला प्रशासन के पास पहुंचा तो इसकी जांच शुरू हुई जिसमें यह फर्जीवाड़ा पकड़ में आया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि पांच प्रतिष्ठान संचालकों के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए पुलिस को पत्र जारी किया गया है।
उन्होंने बताया कि निरस्त होने वाले पासों का कुछ लोग प्रिंट निकालकर एक्सपर्ट के माध्यम से एडिटिंग कराकर स्वीकृत पास बना दे रहे हैं। इस तरह की कार्रवाई में लिप्त पाए जाने पर थाना कोतवाली के तीन ज्वलर्स, थाना तिवारीपुर के एक मीट व्यवसायी और थाना गोरखनाथ के खाद्य व्यवसायी के खिलाफ राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम की सुसंगत धाराओं में कार्यवाई करने के लिए पत्र जारी किया जा चुका है। जानकारी के अनुसार सभी पांचों के खिलाफ देर रात एफआईआर दर्ज हो जाने की उम्मीद है।