पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार रामनयन गुप्ता ठगी की रकम से अब तक करोड़ों रुपये की संपत्ति खरीद चुका है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने 100 डिसमिल से अधिक जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम कराई है। जालसाजी से प्राप्त रकम सीधे काश्तकार के खाते में भेजी जाती थी और बाद में जमीन का बैनामा रामनयन गुप्ता के नाम करा लिया जाता था।
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गिरफ्तार आरोपी संग पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सरकारी ठेका दिलाने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपी फर्जी आईएएस ललित किशोर के एक और साथी को गुलरिहा पुलिस ने गोरखनाथ थाना क्षेत्र के गिरमिट तिराहे के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गोरखनाथ थाना क्षेत्र के लच्छीपुर निवासी रामनयन गुप्ता के रूप में हुई है।
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फर्जी आईएएस गौरव कुमार सिंह
पुलिस के मुताबिक, रामनयन फर्जी आईएएस के हड़पे गए रुपये से अपने नाम पर जमीन की रजिस्ट्री कराता था। दोपहर बाद पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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फर्जी आईएएस गौरव कुमार सिंह
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मामला बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान सामने आया था। गोरखपुर स्टेशन पर बिहार के पटना निवासी व्यापारी मुकुंद माधव को करीब एक करोड़ रुपये नकद के साथ पकड़ा गया था। व्यापारी ने सरकारी ठेका दिलाने के नाम पर ठगी का आरोप लगाया।
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फर्जी आईएएस का घर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उनकी तहरीर पर गुलरिहा पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर 10 दिसंबर 2025 को फर्जी आईएएस बिहार के सीतामढ़ी जिले के मेहरौल निवासी ललित किशोर, सीतामढ़ी के रीगा थाना क्षेत्र के रामनगरा निवासी अभिषेक कुमार और गोरखनाथ थाना क्षेत्र के लच्छीपुर निवासी परमानंद गुप्ता को गिरफ्तार किया था। तीनों को कोर्ट ने जेल भेज दिया था।
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फर्जी आईएएस के घर लगी नेमप्लेट
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस की जांच में पर्दाफाश हुआ कि ललित किशोर अपना नाम गौरव कुमार सिंह बताकर खुद को आईएएस अधिकारी बताता था। उसका साला अभिषेक कुमार खुद को स्टेनो और परमानंद गुप्ता गनर बताता था। तीनों मिलकर सरकारी टेंडर और ठेका दिलाने का झांसा देकर लोगों से मोटी रकम वसूलते थे।
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गनर के साथ चलता फर्जी आईएएस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने इनके पास से 4.15 लाख रुपये नकद, दस लाख रुपये से अधिक के गहने, फर्जी दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की थी।
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फर्जी आईएएस ललित किशोर उर्फ गौरव कुमार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जांच में यह भी सामने आया कि इस गिरोह में ललित किशोर की पत्नी पूजा सिंह, वंदना कुमारी निवासी भागलपुर, जितेंद्र कुमार झा निवासी रतनपुर जिला मुंगेर, परमानंद की पत्नी संयोगिता और उसके पिता रामनयन गुप्ता भी शामिल थे।
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फर्जी आईएएस की लाल बत्ती लगी गाड़ी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गुलरिहा थाना प्रभारी इत्यानंद पांडेय ने बताया कि आरोपी रामनयन गुप्ता की भूमिका संपत्ति निवेश और जमीन की खरीद में थी। ठगी की रकम से खरीदी गई संपत्तियों की जांच की जा रही है। अन्य भागे आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी फर्जी आईएएस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपी की संपत्तियों की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस के अनुसार, रामनयन गुप्ता ठगी की रकम से अब तक करोड़ों रुपये की संपत्ति खरीद चुका है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने 100 डिसमिल से अधिक जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम कराई है। जालसाजी से प्राप्त रकम सीधे काश्तकार के खाते में भेजी जाती थी और बाद में जमीन का बैनामा रामनयन गुप्ता के नाम करा लिया जाता था।