गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां संपत्ति हड़पने के लालच में एक छोटे भाई ने, बड़े भाई का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया। बड़े भाई की शिकायत पर पुलिस ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने की धारा में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, मामले की प्राथमिकी देवरिया जिले के एकौना थाना निवासी राकेश कुमार पांडेय ने दर्ज कराई है। रेल विहार फेज-एक राप्ती नगर निवासी राजेश मोहन पांडेय पर जालसाजी की एफआईआर दर्ज हुई है।
एफआईआर के मुताबिक, वादी राकेश 17 वर्षों से पत्नी और बच्चों के साथ दिल्ली में एक कंपनी में नौकरी कर जीवनयापन कर रहे हैं। उनके पिता जगदीश प्रसाद पांडेय की वर्ष 2007 में मृत्यु हो गई। पिता ने अपने जीवन काल में रेल विहार फेज एक राप्तीनगर में एक मकान खरीदा था।
मकान में उनका छोटा भाई राजेश मोहन पांडेय, ऊपर के तल में परिवार के साथ रहता है और नीचे पत्थर एवं टाइल्स की दुकान चलाता है। मां शांति देवी की अचानक तबीयत खराब हो जाने पर भाई ने सूचना दी तो उन्होंने उसके खाते में इलाज के लिए रुपये ट्रांसफर कर दिए। पिछले साल मां की भी मृत्यु हो गई। सूचना पर वह परिवार सहित घर आ रहे थे, मगर भाई ने कोरोना का हवाला देकर आने से रोक दिया।
इसी बीच भाई ने जालसाजी कर, उन्हें मृत घोषित कर नगर निगम से प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया और संपत्ति अपने नाम कराने लगा। इस दौरान तहसील कर्मियों के माध्यम से गांव के लोगों को इसकी जानकारी हुई, तब उन्होंने फोन से बताया। वह दिल्ली से घर आकर, जब तहसील पहुंचे तो जालसाजी की पूरी जानकारी हुई।