गोरखपुर के शहरी क्षेत्र में शामिल हुईं जिले की 46 ग्राम पंचायतों का वजूद एक अक्तूबर को खत्म हो जाएगा। ये सभी पंचायतें 30 जून को ही शहरी क्षेत्र में मिल जाने वाली थीं मगर इनके खातों में 4.20 करोड़ रुपये बचे हुए थे। शासन ने 30 सितंबर तक संबंधित पंचायतों में जरूरी विकास कार्य कराकर इस फंड का सदुपयोग करने का मौका दिया था। हालांकि अब भी कुछ पंचायतें धन खर्च नहीं कर सकी हैं।
प्रभारी डीएम व सीडीओ इंद्रजीत सिंह ने इन सभी पंचायतों के सचिवों को निर्देश दिया है कि वे 30 सितंबर तक सभी अधूरे काम करा लें। जो काम करा चुके हैं और उनके खाते में धन बचा है वे सरेंडर कर दें।
सीडीओ ने इस संबंध में शनिवार को विकास भवन सभागार में संबंधित पंचायतों के सचिवों की बैठक बुलाई थी। बैठक के दौरान उन्होंने बताया कि 30 सितंबर के बाद जिले की 46 पंचायतें नगर निगम में शामिल हो जाएंगी। ऐसे में इन पंचायतों में जो भी अधूरे काम बाकी कर रह गए हैं उन्हें चार दिन में पूरा करा लिया जाए।
खोराबार की सबसे ज्यादा 11 पंचायतें शहर में शामिल
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने बताया कि जो ग्राम पंचायतें शहरी क्षेत्र में शामिल हुई हैं उनमें चरगांवा ब्लॉक की आठ, खोराबार की 11, भटहट की दो, पिपराइच की छह, भरोहिया की आठ, कैंपियरगंज की पांच तथा सरदारनगर ब्लॉक की छह ग्राम पंचायतें शामिल हैं।