सोना और चांदी की तस्करी के आरोपों से घिरे सर्राफा मंडल गोरखपुर के पूर्व अध्यक्ष व बजरंग बुलियन के प्रोपराइटर शरद चंद्र अग्रहरी का स्टॉक जांचा जा रहा है। डायरेक्टर ऑफ रेवन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआई) लखनऊ और गोरखपुर की टीम ने छापा मारने के बाद तमाम दस्तावेज जब्त किए थे। अब एक-एक दस्तावेज की जांच की जा रही है। डीआरआई के अफसरों का कहना है कि स्टॉक गड़बड़ मिला तो शरद चंद्र अग्रहरी की गिरफ्तारी संभव है। फिलहाल, पूछताछ करके साक्ष्य जुटाए गए हैं।
डीआरआई ने गत शनिवार को भारत-नेपाल बार्डर से सात किलोग्राम सोना जब्त किया था। साथ ही सुभाष चंद्र तिवारी, संजय तिवारी, विष्णु गुप्ता, विजय कुमार मौर्या और संदीप शुक्ला को गिरफ्तार किया था। डीआरआई के अफसरों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपितों ने स्वर्ण कारोबारी शरद चंद्र अग्रहरी का नाम लिया और बताया कि यह सोना उन्हीं का है। इसी आधार पर लखनऊ और गोरखपुर की टीम ने शरद चंद्र अग्रहरी के ठिकानों पर एक साथ छापा मारा।
हिंदी बाजार के प्रतिष्ठान और आवासों की छानबीन की गई। सोना, चांदी खरीद से संबंधित तमाम दस्तावेज जब्त किए गए। छापा के दौरान ही 200 किलोग्राम चांदी बरामद की गई। हालांकि बजरंग बुलियन के प्रोपराइटर ने सोना और चांदी को अपना मानने से इंकार किया है। इससे डीआरआई की मुश्किल बढ़ी है। अब अफसर बजरंग बुलियन और अनुराधा ज्वैलर्स का स्टॉक मिला रहे हैं।