महराजगंज जिले की नेपाली सीमा से लगे 9 प्रमुख बाजार हैं। जिसमे झुलनीपुर, ठूठीबारी, बरगदवां, भगवानपुर, सोनौली, खनुवा, हरदी डाली, कोल्हुई और राजबारी प्रमुख बाजार है। जहां नेपाली नागरिक आसानी से जरूरत के सामान खरीद लेते थे। लेकिन सीमा सील होने के कारण किसी को भी आने जाने की इजाजत नहीं है। पगडंडियों से होकर कुछ चोरी-छिपे आ रहे है। यही कारण है कि नेपाल में रोजमर्रा के सामान की कीमतें आसमान छू रही हैं।
23 मार्च से है नेपाल सीमा
भारत नेपाल सीमा 23 मार्च से सीमा सील है। उसी समय से सरहद पर आवागमन ठप है। नेपाल में अभी भी लॉकडाउन चल रहा है। जिससे तराई सहित पहाड़ों पर रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
छह माह में ज्यादा बढ़ा सामान का दाम
भैरहवा के थोक व्यापारी प्रमोद ज्ञवाली ने बताया कि नेपाल में सर्वाधिक सामान भारत से आता है। सोनौली व बीरगंज के रास्ते सभी प्रक्रिया पूरी कर ट्रक सामान लेकर नेपाल आते हैं। लॉकडाउन के कारण भारत से समान मंगाने में परेशानी हो रही है।
उन्होंने बताया कि नेपाल में 23 मार्च से पहले नमक का 16 रुपये प्रति प्रति किलो था, अब 100 नेपाली मुद्रा में हो गया है। सरसों तेल दो सौ की जगह पांच सौ प्रति लीटर, चीनी 70 की जगह 400 प्रति किलो, जीरा 400 की जगह दो हजार, काली मिर्च 1600 की जगह 3500, हल्दी 250 की जगह आठ सौ और अरहर दाल 150 की जगह 400 प्रति किलो नेपाली मुद्रा में बिक रहा है।
भारत नेपाल सीमा सील होने से दोनों देशों में करोड़ों का व्यापार प्रभावित हुआ है। भारतीय क्षेत्र के सीमावर्ती बाजार सोनौली, नौतनवां, बरगदवां, ठूठीबारी, कोल्हुई में व्यवसाय पर ज्यादा असर पड़ा है। सीमा सील होने के पहले यह बाजार हमेशा से नेपाली खरीदारों से गुलजार रहता था।
बुटवल के व्यापारी अर्जुन कलवार ने बताया कि खाने पीने के सभी सामानों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। सीमा सील होने के कारण यहां के व्यापारी भारत में खरीददारी करने नहीं जा रहे हैं। जिस कारण यह समस्या हुई है। करोड़ों का कारोबार प्रभावित हुआ है।
वर्तमान भाव भारतीय मुद्रा में प्रति किलो
दाल-250
तेल-310
चीनी-150
चावल-100
आटा-80
जीरा-1200
काली मिर्च-2200
हल्दी-300
नमक-62