सत्यापन के लिए पहुंचने पर सीट रिक्त नहीं होने की मिल रही जानकारी
गोविवि में शोध प्रवेश परीक्षा की जारी की गई अंतिम चयन सूची
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय में शोध प्रवेश परीक्षा की अंतिम चयन सूची निकालने के बाद भी कई विभागों में प्रमाण पत्र के सत्यापन के लिए शोध अभ्यर्थी भटक रहें हैं। उनका आरोप है कि विभाग के जिम्मेदार सीट रिक्त नहीं होने का हवाला देकर उनका सत्यापन नहीं कर रहे हैं।
गोविवि प्रशासन ने शोध प्रवेश परीक्षा की अंतिम चयन सूची जारी करते हुए प्रमाण पत्रों के जांच के लिए 19 से 21 जून की तिथि निर्धारित किया था। अंतिम चयन सूची में जिनका नाम आया वे शोध अभ्यर्थी जब संबंधित विभाग में प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराने पहुंचे तो कई विभागों में सीट रिक्त नहीं होने का हवाला देकर सत्यापन करने से मना कर दिया गया।
भूगोल विभाग में 10 शोध अभ्यर्थियों का नाम अंतिम सूची में प्रकाशित किया गया था। जब अभ्यर्थी विभाग में प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराने पहुंचे तो अधिकतर को सीट रिक्त नहीं होने का हवाला दिया गया। शोध अभ्यर्थी आलोक रंजन यादव, मंजुषा सिंह, स्वाती मौर्या आदि का कहना है कि अगर शोध के लिए पंजीकृत नहीं करना था तो अंतिम सूची में नाम क्यों प्रकाशित किया। अंतिम सूची में कुल 10 नाम के साथ 17 अभ्यर्थियों की प्रतीक्षा सूची भी जारी की गई है। विद्यार्थियों का कहना है कि जब अंतिम सूची के छात्रों का सत्यापन नहीं किया जा रहा है तो फिर प्रतीक्षा सूची क्यों जारी किया गया। कमोबेश यहीं हाल कई अन्य विभागों में भी है।
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कोट
छात्रों का शोध पंजीयन को लेकर लगाया जा रहा आरोप गलत है। नियमानुसार सत्यापन कर पात्र शोध अभ्यर्थी को पंजीकृत किया गया है।
: प्रो. एसके सिंह, विभागाध्यक्ष भूगोल विभाग, गोविवि