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ईपीएफओ: अब घर बैठे ऑनलाइन हो जाएगी सुनवाई, वादी को साक्ष्यों के साथ नहीं आना पड़ेगा कार्यालय

Tue, 08 Dec 2020 04:31 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।
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कोरोना काल में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) गोरखपुर क्षेत्र कार्यालय में लंबित मामलों का निस्तारण अब ऑनलाइन ही सकेगा। सुनवाई के लिए किसी भी पक्ष को कार्यालय आने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। घर बैठे ही सुनवाई होगी और मामलों के निर्णय भी ऑनलाइन ही सुनाए जाएंगे।
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कोरोना काल में लगे लॉकडाउन के दौरान कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में 7ए एवं 14बी से संबंधित 120 से अधिक मामले लंबित हो गए थे। सुनवाई न होने के कारण वादी को तमाम तरह की समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा था। उसे न्याय भी नहीं मिल रहा था।

ऐसे में संगठन की ओर से इस सप्ताह से वर्चुअल सुनवाई का निर्णय लिया गया है। इसमें किसी भी पक्ष को साक्ष्यों के साथ कार्यालय आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सभी दस्तावेज को वह ऑलाइन ही भेजेंगे।
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दस्तावेज देखने के बाद विभाग की ओर से दोनों पक्षों को वर्चुअल सुनवाई में शामिल होने के लिए एक लिंक भेजा जाएगा। उस लिंक से दोनों पक्षों जुड़ेंगे। आयुक्त दोनों पक्षों को सुनेंगे और फिर मामले की सुनवाई करते हुए अपना निर्णय देंगे।
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क्या है 7 ए और 14 बी

7 ए : इस धारा के तहत उन कंपनियों पर मामले दर्ज किए जाते हैं, जिसने कर्मचारियों का पीएफ जमा नहीं किया है। मामले दर्ज होने के बाद इसकी सुनवाई होती है, जो कि एक अर्थ में न्यायिक प्रक्रिया है। इसमें दोषी पाए जाने पर कंपनी पर कार्रवाई की जाती है।

14 बी: इस धारा में उन कंपनियों पर मामला दर्ज किया जाता है, जो कि समय पर कर्मचारियों का पीएफ जमा नहीं करतीं। इस मामले में दोषी पाए जाने पर कंपनी का खाता भी सीज कर आगे की कार्रवाई करने का अधिकार ईपीएफओ के पास है।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के आयुक्त मनीष मणि ने बताया कि कोरोना काल में काफी मामले लंबित हो गए थे जिसके निस्तारण के लिए अब वर्चुअल सुनवाई की जाएगी। माध्यम के तहत वर्चुअल ढंग से मामलों का निस्तारण कर दिया जाएगा।
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