उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में लगातार पछुवा हवा चलने और पराली कम जलाने से पर्यावरण भी राहत की सांस ले रहा है। प्रदूषण नहीं बढ़ने से हवा की गुणवत्ता सुधरी है। दिवाली के दिन एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) खराब होकर 190 तक पहुंच गया था। दिवाली के बाद से वायु गुणवत्ता सूचकांक 130 से 150 के बीच बना हुआ है। हालांकि, हवा की यह गुणवत्ता भी अच्छी नहीं मानी जाती है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में आया सुधार थोड़ी राहत देने वाला जरूर है।
बता दें कि दिल्ली समेत एनसीआर में एयर क्वालिटी इंडेक्स पिछले महीने भर से 300 से 400 के बीच बना हुआ है। वहीं, गोरखपुर में यह आंकड़ा 130 तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों के अनुसार हवा की गुणवत्ता में सुधार पराली पर रोक की वजह से भी हुआ है। वहीं, पछुवा हवा की तेज रफ्तार भी इसे बेहतर बनाने में सहायक रही है।
11 किलोमीटर से ज्यादा रफ्तार से चल रही पछुवा हवा
मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय के अनुसार पिछले कुछ दिनों से पछुवा हवा चल रही है। इसकी रफ्तार 11 किलोमीटर से ज्यादा बनी हुई है। इस वजह से हवा की गुणवत्ता थोड़ी बेहतर बनी हुई है। दूसरी वजह यह भी है कि इस बार पराली जलाने की मात्रा में भी काफी कमी आई है। हालांकि, अब पुरवा हवा चलने लगी है। ऐसे में एक्यूआई के फिर से खराब होने की आशंका है। पुरवा हवा चलने से हवा में नमी बढ़ जाती है और प्रदूषण ऊपर की ओर नहीं जा पाता है।