ऑनलाइन पढ़ाई हुई तो शादाब खानम के पाकिस्तान के महिमा मंडन का भेद खुल गया। शिक्षिका भले ही मासूमियत से गलती स्वीकार कर रही हैं, लेकिन इसे सामान्य मामला नहीं माना जा सकता है। इसकी गहराई से जांच जरूरी है। देखा जाना चाहिए कि ऑफलाइन पढ़ाई के दौरान शिक्षिका के पठन-पाठन का काम कैसा था ? कहीं बच्चों के ब्रेनवाश का सिलसिला बहुत पहले से तो नहीं चल रहा था? अभिभावक भी इसकी मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस घटना के पीछे बड़ी साजिश हो सकती है।
किसी व्यक्ति की योग्यता देखकर उसे विद्यालय परिवार का हिस्सा बनाया जाता है। उनके मन में क्या चल रहा है, ये पता लगा पाना बेहद मुश्किल है। शिक्षिका ने व्हाट्सएप गुप पर भ्रामक उदाहरण डाला था, इसकी शिकायत मिली थी। छानबीन में मामला सही मिला है। शिक्षिका गलती भी मान रही हैं, लेकिन इससे गलत काम सहीं नहीं हो जाता है। शिक्षिका को तत्काल नोटिस जारी किया गया है। बच्चों के कोमल मन में जहर घोलने वाले किसी शिक्षक के लिए विद्यालय में कोई जगह नहीं है। उनका जितना वेतन बनेगा, उसका भुगतान करके स्कूल से बर्खास्त किया जाएगा। यह कार्रवाई दूसरे शिक्षकों के लिए नजीर बनेगी। -गोरख सिंह, डायरेक्टर जीएन नेशनल स्कूल
पढ़ाई के लिए अध्ययन सामग्री और उदाहरण को इंटरनेट से कॉपी करके बच्चों के लिए व्हाट्स एप ग्रुप पर डाल दिया था। सिर्फ मानवीय भूल के चलते ऐसा हुआ। मेरी मंशा बच्चों के मन में राष्ट्र विरोधी मानसिकता को बढ़ाने की नहीं थी और न कभी रहेगी। यहीं पैदा हुई, यहीं पली बढ़ी हूं। भारतीय होने पर गर्व है। 11 साल से स्कूल में पढ़ा रही हूं। उदाहरण के लिए अध्ययन सामग्री को कॉपी करके डाला जरूर, लेकिन उसे नहीं देख सकी। यही सबसे बड़ी गलती थी। क्लास के लिए लेट हो रहा था। व्हाट्स एप ग्रुप पर सबसे माफी मांग ली है। -शादाब खानम, शिक्षिका
यह मामला बेहद गंभीर है। प्रबंधक से जवाब मांगा जाएगा। पूछा जाएगा कि जब शिक्षिका का पाकिस्तान प्रेम उभर रहा था तो वे या उनके प्रिंसिपल क्या कर रहे थे? प्रबंधक का जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ी तो वैधानिक कार्रवाई भी होगी।
-ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया, डीआईओएस गोरखपुर