मंडल के बिजली निगम अभियंताओं को अब एक दिन में 22 करोड़ रुपये का राजस्व जमा करवाना होगा। निगम के चेयरमैन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान सभी डिस्कॉम को यह निर्देश दिया है। बड़े और सरकारी बकाएदारों से हर हाल में वसूली करनी होगी। इसके बाद से अभियंताओं में हड़कंप की स्थिति है।
चेयरमैन ने मंडल के 22 वितरण खंडों में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी निर्माण कार्य तय समय में पूरा करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता सेवा को बेहतर बनाने की दिशा में काम करते हुए राजस्व वसूली पर विशेष जोर देने की आवश्यकता है। बड़े बकाएदारों से हर हाल में वसूली सुनिश्चित करें। वितरण खंडों में बिजली खपत के मुताबिक राजस्व वसूली नहीं हो रही है। मुख्य अभियंता ने जोन के सभी वितरण खंडों को पत्र भेजकर चेयरमैन के दिशा-निर्देश से अवगत कराने के साथ ही रोजाना के लक्ष्य से अवगत कराया है।
सूत्रों के अनुसार, कई वितरण खंड लक्ष्य से 65 प्रतिशत तक राजस्व वसूली नहीं कर पाए हैं। अब चेयरमैन ने इस लक्ष्य के साथ पिछले राजस्व नुकसान की भी भरपाई करने का फैसला किया है। वहीं, निगम के अभियंताओं में चर्चा है कि मंडल में जब पांच से छह करोड़ रुपये एक दिन में जमा करवा लिए जाते हैं, तो उसे अच्छी रिकवरी मानी जाती है।
एक दिन में 22 करोड़ रुपये जमा करवाना अभियंताओं के लिए बड़ा सिर दर्द है। मुख्य अभियंता आशु कालिया ने बताया कि राजस्व के सापेक्ष प्रबंधन के सभी लक्ष्यों को पूरा किया जाएगा। प्रबंधन की तरफ से जो भी निर्देश मिलेंगे, उस पर प्रभावी काम किया जाएगा।