गुजरात के भरूच स्थित केमिकल फैक्ट्री में बुधवार को हुए विस्फोट में संतकबीरनगर जिले के निवासी इंजीनियर की मौत हो गई। घटना की सूचना से इंजीनियर के गांव कानापार में कोहराम मच गया। पीड़ित परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था।
कानापार निवासी पीड़ित पिता हरगोविंद यादव ने बताया कि उसके तीन बेटे थे। मझला बेटा प्रमोद ग्रेजुएशन के बाद मथुरा से पॉलिटेक्निक किया था। बेटा प्रमोद गुजरात के भरूच में स्थित केमिकल फैक्ट्री में केमिकल इंजीनयर पद पर अप्रेंटिस कर रहा था।
बुधवार को बेटे के एक दोस्त ने फोन पर घटना की सूचना दी। बेटे के दोस्त ने बताया कि केमिकल फैक्ट्री के ब्वॉयलर में रिसाव की वजह से ब्लास्ट हो गया। जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। उसी हादसे में बेटे प्रमोद की भी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के बाद बेटे का शव लेकर उसका दोस्त चार जून को एंबुलेंस से चला है। शुक्रवार की देर रात तक शव घर पहुंचने की उम्मीद है। बड़ा बेटा सुबोध यादव बंगलौ में एक कंपनी में आपरेंटिस कर रहा है। जबकि छोटा बेटा अमित गीडा से बीटेक की पढाई कर रहा है।
रोते हुए बताया कि बेटा प्रमोद एक जून को वहां से घर आने की बात फोन पर बताया था, लेकिन फैक्ट्री में काम होने से फिर रूक गया था। मां शांति देवी ने बताया कि इंटर के बाद से ही बेटा पढ़ाई के लिए उससे दूर रहा। छह महीने पहले की बेटा गुजरात गया था और उसके मौत की खबर मिल गई। गांव के लोग भी घटना से दुखी थे।