- वाराणसी मंडल में लागू हुई नई व्यवस्था, दूसरे कोचिंग डिपो की चल रही तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। ट्रेनों में सफर करने वाले यात्री बेडरोल देने वाले कर्मचारियों और एसी मैकेनिक की पहचान आसानी से कर सकेंगे। पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से पहले चरण में वाराणसी मंडल के बनारस, छपरा और मऊ स्टेशनों के कोचिंग डिपो में नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। यात्रियों के सुझाव के आधार पर जल्द ही इसे गोरखपुर सहित अन्य कोचिंग डिपो में भी इसे लागू करने की योजना है।
पूर्वोत्तर रेलवे से जारी सूचना के मुताबिक रेल मदद पोर्टल सहित अन्य माध्यमों से अधिकारियों को यात्रियों की शिकायत और सुझाव मिल रहे थे। अक्सर ही यात्री ऑन बोर्ड लिनेन वितरण स्टाफ एवं अन्य सेवाओं जैसे - ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विस (ओबीएचएस) और वातानुकूलन (एसी) मैकेनिक कर्मचारियों की पहचान करने में आ रही समस्या की शिकायत करते थे। इसको देखते हुए रेलवे प्रशासन ने पहल की। इन कर्मचारियों के यूनीफॉर्म में बदलाव कर दिया। नए ड्रेस कोड के अनुुसार ऑन बोर्ड लिनेन वितरण (ओबीएलडी) कर्मियों को नीले रंग का ड्रेस तथा उच्च दृश्यता वाली नारंगी जैकेट दी जा रही है। जैकेट पर बेडरोल एवं एसी लेबल अंकित होगा। नई व्यवस्था में आगमन एवं प्रस्थान, दोनों स्टेशनों पर ऑन बोर्ड लिनेन वितरण कर्मचारियों की ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) कैमरा से जांची जा रही है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इससे यात्री सुविधाओं में सुधार होगा, जिसका सीधा लाभ यात्रियों को मिलेगा। वाराणसी मंडल के बाद जल्द ही यह व्यवस्था दूसरे कोचिंग डिपो में लागू की जा सकती है।
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