- सुरक्षा किट लेकर ही शटडाउन पर काम करने जाते हैं कर्मचारी
-लाइनमैन बढ़ाने की लगातार उठ रही मांग
गोरखपुर। शहर के 28 विद्युत उपकेंद्रों पर वर्तमान में 258 नियमित अधिकारी-कर्मचारी और 570 आउटसोर्सिंग कर्मचारी तैनात हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उपकेंद्रों और फील्ड में लाइनमैन की संख्या जरूरत के मुकाबले कम है।
कर्मियों की सुरक्षा को लेकर बिजली निगम ने शहर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। अधिकारियों के अनुसार शटडाउन लेने से पहले कर्मचारियों को सुरक्षा किट उपलब्ध कराई जाती है। काम पूरा होने या ड्यूटी से लौटने पर किट जमा करा ली जाती है। विद्युत मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष अजय शाही ने बताया कि संगठन लगातार लाइनमैन की संख्या बढ़ाने की मांग करता रहा है। प्रत्येक उपकेंद्र पर जरूरत के अनुसार लाइनमैन उपलब्ध नहीं हैं। संख्या बढ़ने से फाल्ट और बिजली संबंधी कार्य तेजी से किए जा सकेंगे।
खंभे में करंट से हो चुके हैं हादसे
बीते दिनों खंभे में करंट आने से कई हादसे हो चुके हैं। बांसगांव के धमऊर गांव निवासी 16 वर्षीय पुरुषोत्तम की बृहस्पतिवार को बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इसी दिन बड़गो मौलवी चौक के पास मकान पर काम करते समय करीब 40 वर्षीय मजदूर जवाहर पुत्र धनई की करंट लगने से मौत हो गई। शनिवार को बक्शीपुर में खंभे में करंट उतरने से एक व्यक्ति झुलस गया था। वहीं रविवार को पादरी बाजार के जंगल धूषण में करंट लगने से युवक की मौत हो गई थी।
बिजली के खंभे की टेस्टर से कराई गई जांच
सोमवार को बिजली निगम ने भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती। नगर के चारों डिवीजन के कर्मचारियों को लगाकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में खंभों की टेस्टर से जांच कराई गई। अधीक्षण अभियंता शहरी रणजीत चौधरी ने बताया कि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और विद्युत व्यवस्था सुरक्षित बनी रहे, इसके लिए निगम की शहरी टीम मुस्तैद है। हर क्षेत्र में खंभे की करंट टेस्टिंग की जा रही है।