बिजली निगम के अभियंताओं संग विजिलेंस की टीम शनिवार को बिजली चेकिंग अभियान में निकली। इस दौरान तारामंडल स्थित पंचज्योति ग्रुप और मार्ट भवन में कटिया लगाकर बिजली चोरी पकड़ी गई। उपभोक्ता के परिसर में 10 किलोवाट का बिजली कनेक्शन था, लेकिन मीटर से बिजली उपभोग करने की जगह कटिया लगाकर बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा था।
इसके अलावा पांच किलोवाट घरेलू कनेक्शन परिसर पर भी कटिया लगाकर बिजली चोरी की जा रही थी। दोनों उपभोक्ताओं पर एंटी थेफ्ट थाने में बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
दरअसल, लंबे समय से शहरी खंड के इलाकों में बिजली चोरी, समय से बिजली बिल बकाया जमा नहीं करने समेत अन्य सूचनाएं मिल रहीं थीं। महीने के दूसरे सप्ताह में बिजली निगम दफ्तर बंद रहता है, लेकिन मुख्य अभियंता ने शहरी मंडल के 10 उपखंड क्षेत्र में औचक बिजली चेकिंग अभियान शुरू करवाया।
अधीक्षण अभियंता खुद तारामंडल, बक्शीपुर और मोहद्दीपुर के कुछ उपखंड क्षेत्रों में चेकिंग अभियान के दौरान मौजूद रहे। विजिलेंस के साथ अभियंताओं की टीम ने कुल 959 कनेक्शनों की जांच की। इस दौरान बकाएदारी पर 128 कनेक्शन काटे गए। जबकि 148 उपभोक्ताओं ने जांच के दौरान मौके पर ही अपने बिजली बिल बकाए को जमा किया।
चेकिंग के दौरान इनसे 32.12 लाख रुपये जमा करवाए गए। चार उपभोक्ताओं के बिजली मीटर में रीडिंग स्टोर मिली। मोहद्दीपुर के एक उपभोक्ता के आवास पर लगे मीटर में सबसे अधिक 17,732 हजार यूनिट रीडिंग स्टोर थी। इसके अलावा राप्तीनगर के एक उपभोक्ता के परिसर में लगे मीटर में कुल 17 हजार यूनिट रीडिंग से अधिक रीडिंग स्टोर मिली। इस दौरान विजिलेंस प्रभारी कमलेश कुमार, उपखंड अधिकारी ऐश्वर्य सिंह, वीके मल्ल, भानू प्रताप, विवेक दूबे के साथ अवर अभियंता और मीटर परीक्षण खंड के लोग भी मौजूद रहे।
दीवान बाजार में जमा हुआ ढाई लाख रुपये
चेकिंग अभियान के दौरान सबसे अधिक बकाए की धनराशि बक्शीपुर खंड में जमा की गई। दीवान बाजार के आरके अग्रवाल ने 2,50,000 लाख रुपये का बकाया जमा किया। जबकि दाउदपुर के प्रणय प्रताप सिंह ने 50 हजार रुपये लालडिग्गी के तामेश्वर प्रसाद ने 50,024 हजार रुपये बिजली बिल जमा किया।