गोरखपुर ग्रामीण 03, चिल्लूपार 03, चौरीचौरा- 03, खजनी 03, सहजनवां 08, पिपराइच 15, कैंपियरगंज 113, गोरखपुर सांसद- 05, बांसगांव सांसद 24,
गोरखपुर जोन के 186 मजरों के 1500 घरों को बिजली देने की प्रक्रिया चल रही है। पहले यहां एचटी और एलटी लाइन बिछाएंगे। इसके बाद ट्रांसफार्मर लगाकर आपूर्ति देना शुरू किया जाएगा। राजीव चतुर्वेदी, नोडल सौभाग्य योजना
इंडस्ट्री न चलने से विद्युत खपत में 33 प्रतिशत तक गिरावट
गोरखपुर। लॉकडाउन में इंडस्ट्री के नहीं संचालित होने की वजह से विद्युत खपत में 33 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। इसका निगम के राजस्व पर भी असर पड़ा और 35 प्रतिशत तक राजस्व घट गया है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के चलते निगम ने डिजिटल भुगतान पर जोर दिया था लेकिन उपभोक्ताओं पर इसका कोई खासा असर नहीं पड़ा।
निगम को अप्रैल, मई में 30 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। इस महीने निगम को 66 करोड़ रुपये राजस्व मिलना था। लेकिन बिजली का कम उपयोग होने से 36 करोड़ रुपये ही जमा हुए हैं। अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि बिल जमा करने के लिए सभी काउंटर शुरू कर दिए गए थे।
लेकिन लोग बिजलीघर जाकर बिल जमा कराने के बजाय ऑनलाइन जमा करें तो बेहतर होगा। उन्होंने बताया कि अप्रैल-मई में गर्मी होने के बावजूद बिजली की डिमांड पिछले साल के मुकाबले 33 फीसदी तक कम रही। डिमांड कम होने की मुख्य वजह इंडस्ट्रीज का न चलना भी है।