बड़ी बेटी खुशबू, आरोपी व संदिग्धों का कराया गया था परीक्षण
100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ, सीडीआर खंगालने के बाद वैज्ञानिक जांच का लिया गया सहारा
गोरखपुर। चौरीचौरा क्षेत्र के चर्चित दोहरे हत्याकांड में पाॅलीग्राफ परीक्षण की रिपोर्ट आ गई है। पुलिस अब इस रिपोर्ट के आधार पर हत्या की गुत्थी सुलझाने और साजिश में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट करने में जुट गई है। अधिकारियों का मानना है कि रिपोर्ट से अब तक जांच में सामने आए विरोधाभास काफी हद तक दूर हो सकेंगे।
विवेचना के दौरान बयानों और परिस्थितियों में सामने आए अंतर को देखते हुए पुलिस टीम पिछले महीने गाजियाबाद पाॅलीग्राफ टेस्ट कराने गई थी। सीओ कैंपियरगंज अनुराग सिंह के नेतृत्व में गई टीम ने खुशबू, तीन नामजद आरोपियों और दो संदिग्धों का परीक्षण कराया था।
वारदात 29 मार्च 2025 की रात करीब 1:30 बजे शिवपुर चकदहा गांव में हुई थी। घर में सो रही पूनम और उसकी छोटी बेटी अनुष्का की गड़ासे से हत्या कर दी गई थी। घटना के दौरान बड़ी बेटी खुशबू को हमलावरों ने दूसरे कमरे में बंद कर दिया था। जांच में सामने आया था कि आरोपी पूनम का मोबाइल फोन अपने साथ ले गए थे, जो एक सप्ताह बाद गांव के बाहर खेत में मिला।
खुशबू ने पुलिस को बताया था कि उसने दरवाजे के छेद से हमलावरों को देखा था। उसकी तहरीर पर गांव के संजय उर्फ शैलेंद्र, उसके पिता सूरज, भाई सुरेंद्र और दो अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस जांच में कई बिंदुओं पर खुशबू के बयान और घटनास्थल की परिस्थितियां मेल नहीं खा रही थीं। इसी वजह से वैज्ञानिक तरीके से सच्चाई सामने लाने के लिए पाॅलीग्राफ टेस्ट का सहारा लिया गया। एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि रिपोर्ट आ गई है।
नामजद आरोपी संजय को पुलिस ने भिजवाया था जेल
मामले में नामजद आरोपी संजय को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया गया था, जो फिलहाल जमानत पर बाहर है। जांच के दौरान पुलिस को अन्य लोगों की संलिप्तता की भी आशंका रही है। अब तक 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है, जबकि करीब 50 संदिग्धों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच की गई है। कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की गई, लेकिन ठोस साक्ष्य के अभाव में उन्हें छोड़ना पड़ा। अब पाॅलीग्राफ रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई तय करेगी।