गोरखपुर। गैर इरादतन हत्या का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार ने कुशीनगर जिले के हाटा थाना क्षेत्र के गौनर, रजही टोला निवासी दोषी प्रेमचंद केवट को आठ साल दस माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर दोषी को 15 दिन का कारावास अलग से भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन मिश्रा का कहना था कि वादिनी सिरताजी देवी का पति रामअधार यादव ताज पिपरा में स्थित श्रीचंद वर्मा के मुर्गी फार्म पर चौकीदार था। चार जनवरी 2018 को शाम पांच बजे वह मुर्गी फार्म पर गया था। पांच जनवरी 2018 को सुबह 7 बजे श्रीचंद वर्मा वादिनी के घर आया और बताया कि रामअधार की मृत्यु हो गई है।
वादिनी अपने पुत्र और गांव वालों के साथ मौके पर गई तो देखा कि उसके पति की लाश खून से लतपथ छत के छज्जे पर पड़ी है और उसके सिर व चेहरे पर गंभीर चोट हैं। श्रीचंद वर्मा और उसके लड़के ने बताया कि मुर्गी फार्म पर रात में प्रेमचंद केवट और फतेह सिंह भी थे। दौरान विवेचना दोषी का नाम प्रकाश में आया और पता चला कि उसने रामअधार के सिर पर ईंट से से वार किया, जिसमें उसकी मौत हो गई।