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यूपी: यहां जरूरत नहीं लोग शौक के लिए रखना चाहते हैं असलहा, जान को खतरा बताकर किया था आवेदन

Sat, 20 Feb 2021 01:06 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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गोरखपुर जिले में शस्त्र लाइसेंस के लिए किए गए आवेदन में बताई गई वजह गवाही दे रही है कि अधिकतर के लिए असलहा उनकी जरूरत नहीं, बल्कि शौक है। आवेदन करने वाले 8000 लोगों में से अधिकतर ने यही वजह बताई थी कि उनकी जान को खतरा है। इनमें से ज्यादातर आवेदन वर्ष 2018 के हैं। महीनों बाद भी शस्त्र लाइसेंस नहीं बने, लेकिन इनमें से किसी ने ऐसी कोई घटना पुलिस को नहीं बताई है, जिससे यह लगे कि वाकई उनकी जान को खतरा है।     

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लाइसेंस के लिए तरह-तरह के बहाने
जानकारी के मुताबिक, डीएम कार्यालय से शस्त्र लाइसेंस के लिए फार्म मिलता है। उसका एक सत्यापन पुलिस, एलआईयू से भी होता है। अंत में वह फाइल एसएसपी के पास आती है। पुलिस में फाइल न रुकने पाए, इसके लिए लोग हर जुगत लगाते हैं। जिले के एसएसपी रहे सुनील कुमार गुप्ता ने एक बार यह कह दिया कि किसी को शस्त्र लाइसेंस की जरूरत हो तो बताए। उनका यह कहना था कि आवेदनों की भरमार हो गई।

सभी ने अपनी फाइल में खुद को जान को खतरे की वजह बताई। किसी ने कहा कि वह व्यापारी हैं। रात में आते-जाते हैं। इसलिए खतरा है तो किसी ने यहां तक कह दिया कि बेटी बड़ी हो गई है। अब जबकि, एक भी लाइसेंस नहीं बना, तो इनमें से एक भी ऐसा नहीं आया, जिसने यह कहा हो कि उसके साथ कोई अप्रिय घटना हो गई।

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केस एक

तारामंडल के सुमंत कुमार व्यापारी हैं। वर्ष 2018 में आवेदन के दौरान उन्होंने बताया कि घर आते-जाते अक्सर कुछ लोग उनके पीछे लग जाते हैं। इसलिए उनकी जान को खतरा है। पुलिस ने सुरक्षा दिलाने की बात कही और चेकिंग भी कराई गई, मगर ऐसा कुछ नहीं मिला।
 
केस दो
गोला के शिवकुमार ने आवेदन में कहा था कि घर में बेटी है। कभी भी कुछ हो सकता है। उन्हें अक्सर जान का खतरा महसूस होता है। खतरा कैसे और किस तरह का है, यह वह नहीं बता पाए थे। इस वजह से उनकी फाइल तो पुलिस विभाग से ही निरस्त कर दी गई थी।
 
वरासत के लाइसेंस अब भी बन रहे
बुजुर्ग पिता अपने बेटे या फिर परिवार के अन्य सदस्य के नाम अपना असलहा लाइसेंस स्थानांतरित करना चाहते हैं, तो करा सकते हैं। वरासत की प्रक्रिया अब भी जारी है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की फाइलों को तुरंत ही आगे भी बढ़ा दिया जाता है।
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