कुशीनगर में शुक्रवार को भी कोरोना के आठ नए मामले सामने आए। अब कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 5372 हो गई है। इसमें से 5094 मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं। अब भी जिले में 222 एक्टिव केस हैं। प्रशासन ने कोविड जांच की संख्या बढ़ाने के लिए 537 टेंपो व रिक्शा चालकों का भी कोरोना टेस्ट कराया है।
जिले में अब तक 1,82,049 लोगों का कारोना टेस्ट हो चुका है। शुक्रवार को भी 1177 लोगों के सैंपल लिए गए। सीएमओ डॉ. एनपी गुप्ता ने बताया कि कुल 967 लोगों की जांच रिपोर्ट शुक्रवार को मिली, जिसमें से 959 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव व आठ लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। नए संक्रमित मिले मरीजों में से सात पडरौना क्षेत्र के तथा एक कसया क्षेत्र का है।
शुक्रवार को कोई मरीज ठीक नहीं हुआ। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 5094 है। इसके अलावा अब तक 56 मरीजों की मौत हुई है। इस तरह 222 लोग अब भी कोरोना से जंग लड़ रहे हैं। डीएम भूपेंद्र एस चौधरी ने बताया कि जिले में संक्रमण दर 2.93 प्रतिशत है जबकि ठीक होने वालों की दर 95.30 प्रतिशत हो गई है। वहीं, मृत्यु दर 1.04 प्रतिशत है। कोविड अस्पताल में 42 मरीज भर्ती हैं। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों से कोविड कमांड कंट्रोल रूम के जरिए हर दिन जानकारी ली जा रही है।
‘बुखार होने पर जाएं नजदीकी सरकारी अस्पताल’
सीएमओ डॉ. एनपी गुप्ता ने कहा कि बुखार होने पर तुरंत नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाकर अपनी जांच कराएं। जापानी इंसेफेलाइटिस के लक्षण दिखने पर तुरंत अपने नजदीकी पीएचसी, सीएचसी, ईटीसी या मिनी पीआईसीयू में इलाज कराएं। वहां से राहत नहीं मिलने पर ही मरीज को जिला अस्पताल लेकर आएं।
सीएमओ ने बताया कि इंसेफेलाइटिस के मामले में इलाज में देरी होने पर मरीज की हालत गंभीर हो जाती है। लोग नजदीकी सरकारी अस्पताल की बजाय सीधे जिला अस्पताल आते हैं जबकि इस बीमारी का उपचार उनके नजदीकी सीएचसी, इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर या मिनी पीआईसीयू में भी उपलब्ध है।