प्रो डॉ राजकुमार ने बताया कि सफेद दाग एक त्वचा की एक बीमारी है। शरीर में त्वचा का रंग मिलेनोसाइट सेल में मौजूद पिग्मेंट से होता है। सेल में पिग्मेंट खत्म हो जाता है, तो वहां सफेद दाग बन जाता है। इस तकनीक में मरीज के शरीर से पिग्मेंट युक्त त्वचा के टुकड़े का इस्तेमाल किया जाता है। इसके बाद टुकड़े को बारीक किया जाता है। इसके बाद उसका कल्चर किया जाता है। कल्चर से बने पेस्ट को सफेद दाग वाली जगह पर लगाया जाता है। उसके ऊपर कोलेजन ड्रेसिंग की जाती है। तीन से छह माह के भीतर इसका जबरदस्त असर दिखा। मरीजों के शरीर से सफेद दाग गायब हो गए।
सफेद दाग को विटिलिगो कहते हैं
प्रो डॉ राजकुमार ने बताया कि सफेद दाग विटिलिगो कहते हैं। इस बीमारी को लेकर लोगों में भ्रम है। जबकि, इस बीमारी का इलाज हो सकता है। देश में तीन से पांच प्रतिशत लोग इस बीमारी से ग्रसित है। 10 वर्ष के बच्चों से लेकर 40 वर्ष तक के लोगों में यह बीमारी होती है। बीमारी होने पर तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।
सफेद दाग के लक्षण
शरीर के किसी भी भाग में त्वचा का रंग हल्का पड़ना अथवा सफेद होना। प्रभावित स्थान पर खुजली होना। चोट, जलने, छिलने पर चमड़ी सफेद होना। शरीर, सिर एवं भौहों के बाल सफेद होना। तिल के आसपास सफेद घेरा बनना आदि इसके लक्षण है।