गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पुरानी पद्धति से बीए तृतीय वर्ष की हुई वार्षिक परीक्षा के दो माह बाद भी परीक्षा परिणाम घोषित नहीं होने से हजारों छात्रों के सामने संकट खड़ा हो गया। पीजी की कक्षा में प्रवेश के लिए दूसरे विश्वविद्यालयों में काउंसलिंग शुरू हो गई है। परीक्षा परिणाम घोषित नहीं होने व अंकपत्र नहीं मिलने से उनको काउंसलिंग से वंचित होने का डर सता रहा है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय में पुरानी पद्धति की वार्षिक परीक्षाएं 29 मार्च से शुरू होकर 15 मई तक आयोजित हुई थीं। पुराने पाठ्यक्रम के अनुसार, सिर्फ स्नातक तृतीय वर्ष के संस्थागत छात्र ही इसमें शामिल हुए थे। इनके अलावा यूजी व पीजी के बैक पेपर और व्यक्तिगत छात्र भी इसमें शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक करीब 70 हजार विद्यार्थियों ने वार्षिक परीक्षा दी थी।
गोविवि की ओर से सत्र 2022-23 के लिए जारी एकेडमिक कैलेंडर के मुताबिक, वार्षिक प्रणाली के अन्तर्गत आने वाले छात्र-छात्राओं के परिणाम अप्रैल में आने शुरू हो जाने का दावा किया गया था। सभी परिणाम अंतिम रूप से 30 जून तक घोषित कर देने की रणनीति बनाई गई थी। 20 मई से प्रशासनिक भवन स्थित मोहन सिंह भवन में मूल्यांकन कार्य चल रहा है। विज्ञान, कॉमर्स की कॉपियों का मूल्यांकन करीब हो गया है। कला की कॉपियों का मूल्यांकन कार्य अभी जारी है। मूल्यांकन की सुस्त रफ्तार को देखते हुए अनुमान है कि करीब 10 दिन तक और लग सकते हैं।
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एक तिहाई ही होना था मूल्यांकन कार्य
गोविवि व संबद्ध कॉलेजों में सत्र 2022-23 में करीब ढाई लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। इनमें करीब 1.90 लाख विद्यार्थी सीबीसीएस प्रणाली के अन्तर्गत अध्ययनरत हैं। करीब 70 हजार विद्यार्थी वार्षिक प्रणाली से पढ़ाई कर रहे थे। उम्मीद थी कि हर वर्ष की तुलना में एक तिहाई से भी कम संख्या होने से मूल्यांकन में ज्यादा समय नहीं लगेगा।
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यह है छात्रों की परेशानी का कारण
बीएचयू, लखनऊ विवि, बीएड, सीयूईटी पीजी समेत अन्य बड़े विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग चल रही है या इसकी तिथि नजदीक है। काउंसलिंग के दौरान मार्कशीट की जरूरत पड़ेगी। मूल्यांकन की सुस्त रफ्तार से अंतिम वर्ष के छात्र परेशान हैं।
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कोट
बीए तृतीय वर्ष के ज्यादातर कॉपियों का मूल्यांकन हो गया है। परीक्षा परिणाम घोषित करने की तैयारियां चल रही हैं। जल्द वार्षिक परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया जाएगा।
-डॉ. कुलदीप सिंह, परीक्षा नियंत्रक, गोविवि