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Gorakhpur News: शिक्षा मुफ्त होनी चाहिए, गरीबों से दूर बताया बजट

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-आम बजट पर लोगाें ने दी अपनी-अपनी राय
संवाद न्यूज एजेंसी

गोरखपुर। इंदिरा बाल विहार स्थित चेतना तिराहे पर केंद्रीय आम बजट को लेकर लोगों ने खुलकर अपनी राय रखी। इस दौरान आमजन और युवाओं ने बजट को गरीबों की अपेक्षाओं से दूर बताया और सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए।
युवराज ने शिक्षा को लेकर कहा कि शिक्षा पूरी तरह से मुफ्त होनी चाहिए। गरीब परिवारों के बच्चे आज भी संसाधनों के अभाव में पीछे रह जाते हैं। बजट में शिक्षा पर खर्च बढ़ना चाहिए। तभी देश का भविष्य मजबूत होगा।
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अमित चंद्र ने कहा कि यह बजट गरीब और मध्यम वर्ग के लिए नहीं बनाया गया है। बजट में बड़े आंकड़े दिखते हैं, लेकिन आम आदमी की जिंदगी में कोई बदलाव नजर नहीं आता। महंगाई और बेरोजगारी पर ठोस समाधान नहीं है। गरीब रोटी और रोजगार के लिए भटकता है। बजट में यह साफ नहीं दिखता है।
शिवम सिंह ने कहा कि आम गरीब जनता का बजट से सीधा लेना-देना नहीं होता। उसे रोज मजदूरी करनी होती है, और उसी से घर चलता है। मजदूरी में एक रुपया बढ़े या घटे, वही उसके लिए मायने रखता है। बजट के बड़े दावे जमीनी स्तर पर असर नहीं डालते। सरकार को यह समझना चाहिए।
अभिषेक ने स्वास्थ्य सेवाओं पर बात करते हुए कहा कि यदि सरकार गंभीर मरीजों के लिए दवाओं पर टैक्स पूरी तरह से छूट कर दे तो लाखों गरीबों की जान बच सकती है। देश में कैंसर जैसी बीमारियों का इलाज बेहद महंगा है। बजट से कोई ठोस राहत नहीं।

ऋषभ ने बताया कि विकास की बातें हर बजट में होती हैं, लेकिन यह विकास आम गरीब तक कहां पहुंच रहा है, यह साफ नहीं है। योजनाएं बनती हैं, लेकिन लाभ सीमित लोगों को मिलता है। सरकार को जमीनी सच्चाई समझनी चाहिए। तभी विकास सार्थक होगा।
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शुभम ने परिवहन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बुलेट ट्रेन अच्छी पहल है, लेकिन मौजूदा आबादी के हिसाब से सामान्य ट्रेनों की संख्या कम है। यात्रियों को सीट नहीं मिलती। लोग बोगियों में खड़े होकर सफर करते हैं। युवराज ने शिक्षा को लेकर कहा कि शिक्षा मुफ्त होनी चाहिए। गरीब परिवारों के बच्चे आज भी संसाधनों के अभाव में पीछे रह जाते हैं। बजट में शिक्षा पर खर्च बढ़ना चाहिए। तभी देश का भविष्य मजबूत होगा। विवेक और विक्रम ने संयुक्त रूप से कहा कि देश में इतने रोजगार विकसित होने चाहिए कि यहां का युवा बाहर न जाकर देश में ही तरक्की में योगदान दे। बेरोजगारी बढ़ने से आने वाला समय चुनौतीपूर्ण होगा।
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