गोरखपुर। महाविद्यालयों में ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन (एआईएसएचई) के सर्वे का डर दिखाकर धनउगाही का मामला प्रकाश में आया है। जालसाजी की जानकारी होने पर महाविद्यालयों ने गोरखपुर विश्वविद्यालय के जिम्मेदारों से संपर्क कर सूचना दी है। इसके साथ ही वे सोशल मीडिया के माध्यम से अन्य महाविद्यालयों को घटना की जानकारी देकर जागरूक कर रहे हैं।
एआईएसएचई उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र एवं शैक्षणिक गुणवत्ता आदि से संबंधी जानकारी हासिल करती है। उच्च शिक्षण संस्थान संबंधित जानकारी संस्था की वेबसाइट पर उपलब्ध कराती है। संस्था उपलब्ध जानकारी का उच्च शिक्षण संस्थानों में पहुंचकर भौतिक सर्वे करती है। पिछले कुछ दिनों से जालसाज इसका लाभ उठाकर महाविद्यालयों में फोन कर वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के भौतिक सत्यापन के लिए टीम जाने की सूचना दे रहे थे। कुछ महाविद्यालय उनके झांसे में आ गए और टीम को आने से रोकने के बदले उनके खाते में रुपये भेज दिए।
इस बीच जालसाजों ने गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध द्वाबा चंद महाविद्यालय ओनापार, बेलघाट और अखिलभाग्य महाविद्यालय रानापार में फोन किया। जालसाज ने जांच के लिए टीम जाने की बात कही। उनपर संदेह होने पर महाविद्यालय के शिक्षकों ने एआईएसएचई के दफ्तर से पता किया तो इस प्रकार के क्राॅस वेरिफिकेशन नहीं कराने की जानकारी दी। इसके बाद जालसाजी का मामला खुला। इसके बाद शिक्षक विश्वविद्यालय प्रशासन को जानकारी देने के साथ ही जालसाजी से बचने के लिए महाविद्यालयों को जागरूक करने में जुट गए।
-
जालसाजी की इन्होंने की शिकायत
स्ववित्तपोषित महाविद्यालय प्रबंधक महासभा के महामंत्री डॉ. सुधीर कुमार राय ने बताया कि अखिलभाग्य महाविद्यालय में जालसाज ने फोन कर जांच के लिए टीम जाने की बात कही। इस पर संदेह होने पर क्राॅस चेक कराया गया तो मामला खुला। विश्वविद्यालय के संबद्धता विभाग से संपर्क किया गया तो वहां से भी ऐसे सर्वे की जानकारी नहीं होने की बात कही गई। इसके बाद महाविद्यालयों को ऐसी जालसाजी से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है।