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पहले चंद लोगों को पद्म भूषण और पद्मश्री दिया जाता था : राज्यपाल

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गोरखपुर। हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ऐसे लोगों को पद्म भूषण, पद्मश्री दे रही है, जो इस सम्मान के हकदार है। पहले देश के चंद लोगों को पद्म भूषण और पद्मश्री दिया जाता था। विश्वनाथ प्रसाद तिवारी को जब राष्ट्रपति ने पद्मश्री से सम्मानित किया तो गोरखपुर झूम उठा और यहां की लेखनी को एक मुकाम मिला।
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राज्यपाल, मंगलवार को जटाशंकर मोहल्ले स्थित एक लॉन में गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब की ओर से आयोजित पूर्वांचल रत्न सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जब मन की बात कहते हैं तो उसमें राजनीति नहीं होती है। उन्होंने एक विशेष शृंखला जोड़ी है। इसके तहत वह कभी टेराकोटा तो कभी सफाई की बात कहकर प्रतिभाशाली लोगों को पद्मश्री और पद्म विभूषण जैसे देश के बड़े पुरस्कारों की चर्चा करते हैं। यह सामाजिक काम दूसरे वर्ग के लोगों को करना चाहिए, लेकिन आज यह काम पत्रकार कर रहे हैं। गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब ने पूर्वांचल के उन मनीषियों को सम्मानित किया है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में महारथ हासिल कर समाज को नई दिशा दे रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा का सवाल जब भी होता है, तो उसकी आवाज सदन में जरूर उठता हूं। किसी जज को न्याय देने के लिए 10 साल लग जाते हैं, लेकिन पत्रकार अपने खबर के माध्यम से हर दिन पीड़ितों को न्याय दिलाता है। विशिष्ट अतिथि प्रो. रामदेव शुक्ल ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है की गोरखपुर विश्वविद्यालय का कोई छात्र राज्यपाल बना है। प्रो. अनंत मिश्र ने कहा कि मनुष्य की यात्रा विष से अमृत की है। इस धरा पर पत्रकार और साहित्यकार इस विष का रसपान करते हैं। प्रेस क्लब के अध्यक्ष मारकंडेय मणि त्रिपाठी ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी पत्रकार अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हैं। इस कार्यक्रम में उन लोगों को सम्मानित किया जा रहा है, जो अभाव में बिना किसी लालसा के समाज में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।
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सम्मान, एक सामाजिक स्वीकृति है : प्रो विश्वनाथ तिवारी
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पद्मश्री प्रो. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी ने कहा कि सम्मान एक सामाजिक स्वीकृति है। यदि समाज में असम्मानित व्यक्ति को सम्मान मिलता है तो वह समाज में जंग लगे लोहे की तरह टूट कर बिखर जाता है। यह सम्मान धन से अर्जित नहीं किया जा सकता है। कहा कि साहित्य को समाज का इंजीनियर और पत्रकारों को समाज की आंख कहा जाता है। यह आंख हमेशा खुली होनी चाहिए।

इनकी रहीं मौजूदगी
कार्यक्रम से पूर्व महर्षि सावर्ण देव विद्यापीठ के आचार्य गणों ने स्वस्तिवाचन किया। इसके बाद अतिथियों ने दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यकारिणी के संस्थापक सदस्य डॉ. एसपी त्रिपाठी के नेतृत्व में स्मृति चिह्न, अंग वस्त्र और पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर महाकाल मंदिर के रमन त्रिवेदी, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, भानु प्रकाश मिश्रा, पूर्व मेयर सत्या पांडेय, धनेश मणि त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन संजय तिवारी और आभार प्रकट महामंत्री मनोज यादव ने किया।

पूर्वांचल रत्न से ये हुए सम्मानित
प्रो शिवाजी सिंह, डॉ. आरएन सिंह, लालमणि तिवारी, केसी सेन, डॉ. शरद मणि त्रिपाठी, चंद्र विजय सिंह, ममता केतन, बृजेश राम त्रिपाठी, अमित अंजन, सुशील गुप्ता, रामचंद्र प्रजापति, आदित्या यादव, इलहान, भास्कर विश्वकर्मा, सर्वेश दुबे, आर्यन चटर्जी, अमेय शंकर गंगानी।
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