शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के मामले में गुलरिहा पुलिस ने देवरिया की निलंबित देवरिया शालिनी श्रीवास्तव के सरकारी आवास से डीवीआर बरामद कर लिया है। इसके गायब होने के कारण साक्ष्य मिटाने की आशंका जताई जा रही थी। जांच में वित्तीय लेन-देन से जुड़े नए साक्ष्य भी सामने आए हैं। वहीं, निलंबित बीएसए की मां और नौकर से भी पुलिस ने पूछताछ की है।
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने शनिवार को बीएसए के सरकारी आवास पर दबिश दी। वहां मौजूद शालिनी श्रीवास्तव की मां और नौकर से पूछताछ के बाद तलाशी ली गई। इस दौरान डीवीआर बरामद हुआ। इससे पहले 20 फरवरी का फुटेज देवरिया जिला प्रशासन की जांच समिति ने उपलब्ध कराया था, जिसमें कृष्ण मोहन सिंह, अपर्णा तिवारी और ओंकार सिंह बीएसए कार्यालय में दिखाई दे रहे थे।
जांच में नए साक्ष्य भी सामने आए हैं। पुलिस को पता चला है कि कृष्ण मोहन सिंह ने 14 लाख रुपये ओंकार सिंह के माध्यम से भिजवाए थे, जो सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह के जरिये लिपिक संजीव सिंह तक पहुंचाए गए। इसके अलावा, ओंकार सिंह ने गोल्ड लोन लेकर नौ लाख रुपये देने की बात भी पुलिस को बताई।
पूछताछ में अपर्णा तिवारी और ओंकार सिंह ने इस लेन-देन की पुष्टि की। पुलिस अब इन वित्तीय लेन-देन की समय-रेखा तैयार कर बैंक स्टेटमेंट से मिलान कर रही है।
सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने बताया कि निलंबित बीएसए और फरार लिपिक संजीव सिंह की संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बीएसए और लिपिक के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है।