- महानगर में शामिल होने के बाद भी वार्ड संख्या तीन में लोगों को नहीं मिल रहीं मूलभूत सुविधाएं
- वार्ड में नहीं है इंडिया मार्का हैंडपंप, वार्ड की कई सड़कें जर्जर
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। महानगर के रानीडीहा में लोग शुद्ध पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। वार्ड के ज्यादातर मोहल्लों में नालियां टूटी हुईं हैं। इससे नाली का पानी सड़क पर बहता है। वार्ड में नियमित सफाई भी नहीं होती है। इससे चारों ओर गंदगी का अंबार लगा रहता है।
खोराबार क्षेत्र के रानीडीहा को 2023 में नगर निगम में शामिल किया गया था, लेकिन एक वर्ष बाद भी यहां के लोगों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रहीं हैं। वार्ड की ज्यादातर मुहल्लों की नालियां टूटी हुईं है। कहीं-कहीं नालियां हैं ही नहीं। इससे नाली का पानी सड़क पर बहता है। ऐसे में राहगीरों को दिक्कत होती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां 10 वर्षों से नाली का निर्माण हुआ ही नहीं है। वार्ड में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है।
यहां न ही पाइपलाइन से पेयजल की आपूर्ति होती है और न ही इंडिया मार्का हैंडपंप है। लोगों साधारण हैंडपंप का ही पानी पीना पड़ता है। वार्ड के खोराबार से सूबा बाजार को जाने वाली सड़क पूरी तरह से जर्जर है। भाजपा कार्यालय को जाने वाली सड़क भी उखड़ने लगी है। वार्ड में बिजली व्यवस्था तो ठीक है, लेकिन खंभों पर स्ट्रीट लाइटें नहीं लगीं हैं। इससे शाम होते ही वार्ड में अंधेरा छा जाता है। अंधेरे के कारण लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
बोले लोग
वार्ड में नगर निगम द्वारा अभी कोई काम नहीं कराया जा रहा है। नालियां टूटी हुईं हैं। लोगों को हैंडपंप का ही पानी पीना पड़ता है। खंभों पर स्ट्रीट लाइटों के नहीं होने से अंधेरा रहता है। इससे परेशानी होती है।
मनीष पासवान
वार्ड की सबसे बड़ी समस्या जल निकासी की है। सफाई नहीं होने से नालियां चोक हैं। नाली काफी पुरानी है, ऐसे में यह जगह-जगह से टूटी हुई है। इससे पानी सड़क पर बहता है। इससे आने-जाने में दिक्कत होती है।
राजकिशोर सिंह