नाले का निरीक्षण करते नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रोड की कॉलोनियों में बारिश के मौसम में महीनों जलभराव का कारण बनने वाले नाले को अब तोड़कर फिर से बनाया जाएगा। एचएन सिंह चौराहा से खजांची चौराहा तक करीब 1.8 किमी लंबाई में चार करोड़ की लागत से इस नाले का निर्माण कराया गया था। जून 2021 में बनकर तैयार हुए इस नाले का लेबल कॉलोनियों के ग्राउंड लेबल से ऊपर था। इस कारण दो साल हजारों लोग परेशान हुए।
अब एचएन सिंह चौराहा से खजांची चौराहा के बीच करीब 150 मीटर की लंबाई में नाले का लेवल नीचे किया जाएगा। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने इस संबंध में लोक निर्माण विभाग एवं सेतु निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया है। यह कार्य अप्रैल तक करना होगा।
इसे भी पढ़ें: नकहा-बरगदवा ओवरब्रिज पर फर्राटे का था इंतजार, मिला जाम और धूल का गुबार
निवर्तमान पार्षद बृजेश सिंह छोटू और आलोक सिंह बिशेन की शिकायत पर बृहस्पतिवार को नगर आयुक्त ने एचएन सिंह से लेकर खजांची चौराहे तक के नाले का निरीक्षण किया। शिकायत मिली थी कि यहां नाले का लेबल कॉलोनियों के लेवल से ऊंचा बना दिया गया है। इसकी वजह से बारिश के दिनों में कॉलोनियों में जलभराव हो जाता है।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता राजेश और सेतु निगम के सहायक अभियंता केडी सिंह के साथ निरीक्षण करने पहुंचे नगर आयुक्त ने अधिकारियों से नाले का लेवल नीचे करने का काम इसी सोमवार से शुरू कर हर हाल में अप्रैल तक पूरा कर लेने का निर्देश दिया।
इसे भी पढ़ें: ट्रांसफार्मर फुंका, गोरखपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्र के 40 बिजली घर बंद
उन्होंने पीडब्लूडी के अधिकारी को मेडिकल कॉलेज रोड के दोनों तरफ के नालों की तल्लीझार सफाई कराने और सेतु निगम के अधिकारी को खजांची चौराहे पर एवं खजांची चौराहे से स्पोर्ट्स कॉलेज रोड पर पर श्री समृद्धि सिल्क के सामने कलवर्ट बनाने का भी निर्देश दिया। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता राजेश कुमार का कहना है कि करीब 150 मीटर लंबाई में नाले का लेवल नीचे किया जाएगा। विभाग पर इसका कोई भार नहीं आएगा। टेंडर की शर्तों के अनुसार इस पर आने वाले खर्च को ठेकेदार को वहन करना होगा।
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज रोड पर एचएन सिंह चौराहे से खजांची चौराहे तक नाले के लेवल को ठीक करने के लिए लोक निर्माण विभाग एवं सेतु निगम के अधिकारियों को कहा गया है। ताकि बारिश में कॉलोनियों में जलभराव न हो। अप्रैल तक इस काम को पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया है।