बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण। (फाइल फोटो)
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जिस कोरोना के डर से लोग अपनों से दूरी बना लेते हैं, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव उसके खिलाफ बीते आठ माह से बिना छुट्टी लिए काम कर रहे हैं। काम का जुनून ऐसा कि एक बार कोरोना पॉजिटिव भी हो गए, लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आते ही फिर उसी जुनून के साथ कोविड मरीजों की देखभाल और उनकी हिम्मत बंधाने में जुट गए।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तीन सौ बेड कोविड अस्पताल में डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव की ड्यूटी कोरोना की पहली लहर में 28 जुलाई 2020 को लगी थी। मरीजों की लगातार तीमारदारी करते करते दस अगस्त 2020 को वह भी कोरोना पॉजिटिव हो गए।
डॉ. अरुण बताते हैं कि जिस तरह अस्पताल में कोविड मरीजों को हिम्मत बंधाते थे, उसी तरह मन में दृढ़ संकल्प लिया। तय किया कि मरीजों की सेवा के लिए मुझे ठीक ही होना होगा। सितंबर पहले सप्ताह में कोरोना निगेटिव रिपोर्ट आई। इसके बाद 24 सितंबर 2020 से दोबारा 300 बेड कोरोना अस्पताल में काम कर रहे हैं। सितंबर से आज तक उन्होंने किसी भी दिन छुट्टी नहीं ली है। यहां तक दिवाली और होली भी मरीजों के बीच ही मनाई है।
वह कहते हैं कि कोरोना होने पर जिन लोगों के परिजन उनसे दूरी बना लेते थे, उन्हें कोविड अस्पताल में दवा, भोजन देने के साथ ही वे हमेशा हिम्मत बंधाते रहते थे। एक मरीज की सर्जरी हुई और वह कोरोना पॉजिटिव पाया गया। सर्जरी के तुरंत बाद ही उसे कोविड अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। उसकी खराब हालत देख तीन दिन और रात अस्पताल में ही रुके। अच्छी तरह से देखभाल व इलाज किया। तीसरे दिन होश आ गया। कोविड रिपोर्ट निगेटिव आने तक मरीज की देखभाल करते रहे। आज भी वह मरीजों को इस बीमारी से छुटकारा मिलने की हिम्मत बंधाने में जोश और जज्बे के साथ जुटे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ हैं डॉ अरुण
डॉ अरुण कुमार श्रीवास्तव बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बाल रोग विशेषज्ञ हैं। वह सहारा इस्टेट परिसर के 8/45 यमन में रहते हैं। डॉ अरुण कुमार श्रीवास्तव इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) गोरखपुर के सचिव भी हैं। अब मेडिकल कॉलेज में कोविड वार्ड का प्रभार भी देख रहे हैं।