- तीन जिलों से होकर गोंडा से जुड़ेगी 215 किलोमीटर की डबल लाइन
- सर्वे के बाद तैयार होगा डीपीआर, बजट की ली जाएगी स्वीकृति
गोरखपुर। नकहा-आनंदनगर-बढ़नी-गोंडा के 215 किलोमीटर के रेलवे ट्रैक को डबल लाइन किया जाएगा। रेलवे बोर्ड की ओर से सर्वे का काम शुरू भी करा दिया गया है। यह रेल लाइन तीन जिलों गोरखपुर, महराजगंज और सिद्धार्थनगर को गोंडा से जुड़ेगी। सर्वे पूरा होने बाद डीपीआर तैयार कर बजट की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
इस रूट पर 12 से ज्यादा एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनें चल रही हैं। इसमें गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस, आनंद विहार टर्मिनल हमसफर एक्सप्रेस, गोरखपुर पनवेल एक्सप्रेस, गोरखपुर-बांद्रा एक्सप्रेस, गोमतीनगर इंटरसिटी प्रमुख हैं। सिंगल ट्रैक होने की वजह से इस रूट पर ट्रेनों का लोड और नहीं बढ़ पा रहा है। इस रूट पर ट्रेनों के बढ़ते लोड को देखते हुए पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने नकहा-बढ़नी-गोंडा तक डबल लाइन किए जाने के लिए प्रस्ताव भेजा था, जिसे रेलवे बोर्ड ने स्वीकृति दे दी थी। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद इस रूट के डबल लाइन के सर्वे का काम शुरू हो गया है। सर्वे का काम पूरा हो जाने के बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) रेलवे बोर्ड के पास मंजूरी के लिए भेज दिया जाएगा। डबल लाइन हो जाने से इस रूट पर ट्रेनों का संचलन और आसान हो जाएगा। यात्री ट्रेनों के साथ ही मालगाड़ियों के संचलन की भी राह आसान हो जाएगी।
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इन प्रमुख शहरों के लिए चलती है ट्रेन
गोरखपुर से बढ़नी रूट पर दिल्ली, मुंबई की ट्रेनों के साथ ही छह से ज्यादा पैसेंजर ट्रेनें भी चलती हैं। गोरखपुर से दिल्ली जाने वाली सबसे अहम ट्रेन इस रूट पर हमसफर है, जबकि मुंबई के लिए पनवले एक्सप्रेस प्रतिदिन चलती है।
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1998 में मीटर से ब्रॉड गेज हुआ था यह रूट
रेलवे स्थापना के बाद से 1998 तक गोरखपुर-बढ़नी-गोंडा रूट पर मीटर गेज पर ट्रेनें दौड़ती थीं। इस रूट पर 1994 से ब्रॉड गेज लाइन बिछाने का काम शुरू हो गया था। 1997 में काम पूरा होने के बाद 98 से ब्राड गेज लाइन पर ट्रेनें दौड़ने लगीं। इसके करीब 14 साल बाद इस रूट पर विद्युतीकरण शुरू हुआ, जो पांच साल में पूरा हो गया। 2019 से इसी रूट पर विद्युत इंजनों से ट्रेनों का संचलन शुरू हो गया।
गोंडा से नकहा जंगल (गोरखपुर) वाया आनंदनगर-बढ़नी के डबल लाइन के सर्वे का काम शुरू हो गया है। जल्द ही सर्वे का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाकर स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
- पंकज कुमार सिंह, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी एनईआर