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शिक्षा से वंचित बच्चों का भविष्य संवारेंगे ये डॉक्टर, ऐसे कर सकते हैं संपर्क

Sun, 13 Sep 2020 05:22 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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मैक डॉक्टर्स पाठशाला की ओर से निशुल्क ऑनलाइन पढ़ाई के लिए पंजीकरण शुरू - फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में शिक्षा से वंचित बच्चों का भविष्य संवारने के लिए डाक्टर्स की संस्था मां अमृतेश्वरी चैरिटी (मैक) डॉक्टर्स पाठशाला ने गोरखपुर में अनूठी मुहिम शुरू की है। संस्था की ओर से कोरोना संकटकाल में पढ़ाई से वंचित बच्चों को ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए संस्था की ओर से गरीब बच्चों का ऑनलाइन पंजीकरण शुरू कर दिया गया है। 25 से अधिक अभिभावकों ने संस्था के हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर जुड़ने की इच्छा जताई है।

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मैक डॉक्टर्स पाठशाला की संस्थापक डॉ. प्रियंका यादव ने बताया कि बच्चों को पढ़ाने के लिए व्हाटसएप के माध्यम से सिलेबस, होमवर्क और वीडियो लेक्चर भेजा जाएगा। पंजीकरण के लिए कोई भी संस्था के व्हाट्सएप नंबर 7007897725 के साथ ही ईमेल doc4priyanka@gmail.com पर संपर्क कर सकता है।
 
उन्होंने बताया कि लखनऊ में संस्था की ओर से करीब 100 गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जा रही है। झुग्गी झोपड़ी या कूड़ा बीनने वाले परिवारों के बीच जाकर संस्था से जुड़े डॉक्टर्स की टीम बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करती है। डॉक्टर्स की टीम आपसी सहयोग से इन बच्चों की फीस, कॉपी-किताब, यूनिफार्म, जूते-मोजे, स्कूल बैग, हाईजीन किट का भी इंतजाम करती है। नौ साल से संस्था लखनऊ में अपने सामाजिक दायित्वों का निवर्हन कर रही है।

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हालात सामान्य होने पर यहां भी चलेगा अभियान

डॉ. प्रियंका ने बताया कि हालात सामान्य होने पर लखनऊ और नोएडा की तरह यहां भी अभियान चलाकर झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले बच्चों को संस्था की ओर से स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाएगा। वहीं बच्चे की पूरी पढ़ाई का खर्च संस्था ही वहन करेगी।

कई सरकारी स्कूलों को लिया गोद
डॉ. प्रियंका ने बताया कि संस्था की ओर से कई सरकारी स्कूलों को गोद लेकर वहां की शिक्षण व्यवस्था को सुधारने के साथ ही बुनियादी सुविधाएं भी मुहैया कराई गई हैं। यही वजह है कि लखनऊ और नोएडा में संस्था से सरकारी स्कूल जुड़ने को लेकर काफी सक्रिय रहते हैं।

लॉकडाउन से पहले गोरखपुर हुआ आगमन
डेंटल सर्जन डॉ. प्रियंका यादव अपने पति एम्स के असिस्टेंट प्रोफेसर अमित रंजन के साथ फरवरी में गोरखपुर आना हुआ है। उन्होंने बताया कि संस्था की ओर से मार्च में हेल्थ एंड हाईजीन पर एक सरकारी स्कूल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कुछ सरकारी स्कूल को संस्था की ओर से गोद लेने की योजना थी, मगर लॉकडाउन में मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
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