उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बनाएं जाने के आदेश से आहत आकर सीतापुर आंख अस्पताल के डॉक्टर और चिकित्साकर्मियों ने बुधवार की दोपहर अपने आवास परिसर में अपने ऊपर मिट्टी का तेल उड़ेलकर आत्मदाह का प्रयास किया।
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संयोग रहा कि कुछ लोगों ने माचिस जलाने से रोक लिया। इसकी भनक लगते ही जिला प्रशासन के कान खड़े हो गए। कुछ ही देर में अस्पताल परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। उधर डीएम का कहना है कि इस मामले में डाक्टर के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मिली जानकारी के मुताबिक विकास भवन परिसर स्थित सीतापुर आंख अस्पताल की जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। जिला पंचायत, प्रशासन और सीतापुर आंख अस्पताल तीनों का अलग-अलग हिस्से में कब्जा है। और तीनों पूरी जमींन अपना-अपना होने का दावा करते हैं। मामला हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है। चिकित्सक डॉ. एके कटियार का कहना है कि हाईकोर्ट ने उन्हें स्टे दिया है।
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वहीं कोरोना महामारी के चलते डीएम ने इसे आइसोलेशन वार्ड बनाने के लिए खाली करा लिया। डॉक्टर ने अस्पताल के दो कमरों में अपना सामान रखकर शेष जगह आइसोलेशन वार्ड के लिए दे दिया। डॉ. एके कटियार का आरोप है कि मंगलवार को विकास भवन के अधिकारी और तहसीलदार खाली नहीं करने पर सामान बाहर फेंकवाने की धमकी दी।
बुधवार को इसी बात से आहत होकर डॉ. एके कटियार, उनकी पत्नी शोभा कटियार, बेटे अभिनव, अभिजीत, कर्मचारी राकेश श्रीवास्तव, अब्दुल रहीम, सुरेंद्र के साथ ही इन सभी के परिवार के कायनात, नौसबा, राजन, शाहिद, नसरीन, मीना कुमारी, राशिद, इलाचयी आदि ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। सूचना पर एडीएम प्रशासन राकेश पटेल, एसडीएम सदर दिनेश कुमार मिश्र, सीओ निष्ठा उपाध्याय, सदर कोतवाल टीजे सिंह मय फोर्स मौके पर पहुंच गए। काफी देर तक मनाने का दौर चलता रहा।
कोरोना महामारी को देखते हुए संदिग्ध मरीजों की अलग व्यवस्था के लिए शासन ने सभी जिलों में सरकारी और निजी भवनों को अधिग्रहित करने का आदेश दिया है। इसी क्रम में डीएम अमित किशोर ने 30 मार्च को सीतापुर आंख अस्पताल के सभी भवनों सहित परिसर को अधिग्रहित कर लिया। अस्पताल प्रबंधक को पत्र भेजकर भवन खाली करने का आदेश दिया। और परिसर खाली कराते हुए अपने नियंत्रण में लेने को कहा है।
कोरोना महामारी को देखते हुए मरीजों की अलग व्यवस्था के लिए सीतापुर आंख अस्पताल को आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इसमें डा. एके कटियार द्वारा स्वास्थ्य विभाग के साथ असहयोग किया जा रहा है। दबाव बनाएं जाने के लिए कर्मचारियों के साथ आत्मदाह का प्रयास किया गया। डाक्टर के खिलाफ वैधानिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -अमित किशोर, जिलाधिकारी