- एमएमएमयूटी में हुई तकनीक पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। मदनमोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में शुक्रवार से ''''''''वीएलएसआई, माइक्रोवेव, एंड वायरलेस टेक्नोलाॅजी'''''''' विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। इलेक्ट्राॅनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय व विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के सहयोग से विश्वविद्यालय के इलेक्ट्राॅनिक्स विभाग की ओर से आयोजित सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान प्रयागराज के पूर्व निदेशक प्रो. राजीव त्रिपाठी ने कहा कि शोधकर्ता तकनीक के संश्लेषण पर शोध कर समस्याओं के समाधान सुझाएं।
उन्होंने नए शोधकर्ताओं से अपील की कि वह शोध को प्रकाशन तक सीमित न रखें, बल्कि उसको प्रौद्योगिकी में रूपांतरित करें जिससे आम जन जीवन में बदलाव हो सके। बीएलएसआई, वायरलेस और माइक्रोवेव तकनीक की वजह से तीन-चार दशकों में आम आदमी के जीवन में अभूतपूर्व बदलाव हुए हैं। तकनीक की क्रांति से ही जीवन में क्रांतिकारी बदलाव की कल्पना साकार हो सकी है, जो दशकों पहले संभव नहीं थी।
विशिष्ट अतिथि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के वैज्ञानिक गोपाल पटेल ने रक्षा एवं रणनीतिक शोध में हो रहे नवीनतम परिवर्तनों से प्रतिभागियों को अवगत कराया। सम्मेलन के पहले दिन आईआईटी भुवनेश्वर के प्रो. राजन झा ने फोटोनिक्स सिस्टम पर हो रहे शोध की जानकारी दी।
उद्घाटन कार्यक्रम में कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने ऑनलाइन अध्यक्षीय संबोधन दिया। केएल विश्वविद्यालय आंध्र प्रदेश के प्रो. संतोष कुमार, वुहान तकनीक विश्वविद्यालय चीन के डाॅ. रुई मीन ने भी विचार रखे। स्वागत वक्तव्य विभागाध्यक्ष प्रो. एसके सोनी ने दिया। कार्यक्रम की रूपरेखा आयोजन सचिव डाॅ. राजन मिश्र ने रखी। संचालन डाॅ. शगुन पाल और आभार ज्ञापन डाॅ. धर्मेंद्र कुमार ने किया। पहले दिन 40 शोध प्रस्तुत हुए। देश-विदेश से कुल 237 शोध पत्र प्राप्त हुए।