सड़क पर कमर तक पानी भर गया था। इससे हम लोग घरों में कैद हो गए। दूसरे दिन भी पानी भरा है। नगर निगम की ओर से पानी को निकालने की व्यवस्था नहीं की गई।
-विनय कुमार यादव, इंदिरा नगर
महेवा मंडी में जलभराव से व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। जिम्मेदारों की लापरवाही से बारिश का पानी दुकानों में घुस गया था। इससे काफी माल भीग गया है।
-संजय सिंघानिया, महेवा मंडी
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बारिश से चक्सा हुसैन में घरों में फिर से पानी भर गया। पानी को निकालने में दिक्कत हुई। कुछ घरों में मोटर लगाकर पानी निकाला गया।
-शाकिर अली सलमानी, चक्सा हुसैन
दो दिनों से सड़क पर पानी भरा है। इससे आने-जाने में दिक्कत हो रही है। बच्चे घर से निकल ही नहीं पा रहे हैं। जिम्मेदारों की ओर से पानी निकालने के इंतजाम नहीं किए गए।
-बच्चा यादव, तारामंडल
गोरखपुर शहर में जलभराव की समस्या के बाद नगर आयुक्त ने टीम के साथ इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान देखा गया कि शहर के प्रमुख बाजारों और मुहल्लों में नालियों पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा था। इससे उसकी साफ-सफाई नहीं हो पा रही थी। बारिश का पानी नाली चोक होने की वजह से निकल नहीं पा रहा था। इन इलाकों के अलावा शहर में नालियों पर किए गए कब्जे को चिह्नित करने के निर्देश नगर आयुक्त ने दिए थे।
शुक्रवार को बारिश हल्की होने पर नगर निगम की टीम अपर नगर आयुक्त निरंजन सिंह के नेतृत्व में कब्जा हटाने निकली। बेतियाहाता स्थित एक कोचिंग संस्थान के सामने नाली पर कब्जा था। टीम ने उसे तोड़ दिया। बेतियाहाता में ही एक अस्पताल की बाउंड्री नाली पर बनाई गई थी।
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नगर निगम की टीम ने बुलडोजर से इस कब्जे को हटवा दिया। प्रेमचंद पार्क के ठीक सामने नाली चोक मिली। टीम ने चोक नाली को साफ कर खोल दिया। नगर आयुक्त के निर्देश पर धर्मशाला बाजार, एचएन सिंह चौराहा, रामनगर चौराहा, नकहा, मुंशी प्रेमचंद पार्क, सूरजकुंड, रसूलपुर इलाके में जलभराव और चोक नालियों को देखकर उनकी साफ-सफाई कराई गई।
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि अतिक्रमण को हटाने और नालियों की साफ-सफाई का यह सिलसिला जारी रहेगा।
महानगर में बुधवार रात से हो रही बारिश के बीच बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बृहस्पतिवार को मोहद्दीपुर, लहसड़ी, तारामंडल, सूर्यकुंड समेत कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रही। लोगों का कहना है कि जलभराव से पहले ही परेशान हैं, इस बीच बिजली कटौती ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
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लोहिया सब स्टेशन से जुड़े लहसड़ी में बृहस्पतिवार की रात से बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप रही। पेड़ की डाली गिरने से तार क्षतिग्रस्त हो गया था। कर्मचारी बारिश बंद होने का इंतजार करते रहे। इससे रात भर उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ी। शुक्रवार की सुबह 10 बजे आपूर्ति बहाल होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
इसके अलावा सुबह से इसी उपकेंद्र से जुड़े बुद्ध बिहार पार्ट सी में भी तार पर पेड़ की डाली गिरने की वजह से आपूर्ति ठप रही। अभियंताओं और कर्मचारियों के काफी मशक्कत के बाद शाम चार बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। मोहद्दीपुर सब स्टेशन से जुड़े बिछिया इलाके में भी कुछ देर के लिए बिजली गुल रही। कई इलाकों में बिजली की आवाजाही बनी रही।
रुस्तमपुर बिजली उपकेंद्र परिसर में बारिश व नाले का पानी भर जाने करीब 14 हजार परिवारों की बिजली आपूर्ति पर संकट खड़ा हो गया है। बुधवार की रात में पावर ट्रांसफाॅर्मर के प्लींथ तक पानी भर जाने के बाद अभियंताओं ने आननफानन नगर निगम व अपना पंप लगाकर पानी निकालने की व्यवस्था की। बृहस्पतिवार की रात में बारिश होने से दोबारा पानी भर गया।
अभियंताओं ने शुक्रवार की सुबह ही पंप लगाकर पानी निकालने की व्यवस्था बनाई। परिसर से पानी निकलने के बाद अभियंताओं ने राहत की सांस ली। अभियंताओं के मुताबिक पावर ट्रांसफॉर्मर के प्लींथ तक पानी आने से बिजली आपूर्ति पर संकट खड़ा हो गया था। यदि पानी और भर गया होता तो बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ती।
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शहर के शमशेर गली में बारिश का पानी भर जाने से 400 केवीए ट्रांसफार्मॅर पानी से घिर गया। सूचना के बाद कर्मचारियों ने फ्यूज काटकर ट्रांसफाॅर्मर से बिजली आपूर्ति बंद की। दोपहर बाद पानी कम होने पर आपूर्ति बहाल हुई। इससे लोगों को काफी मुश्किल झेलनी पड़ी।
कर्मचारी आवासों में घुसा पानी
रुस्तमपुर स्थित बिजली उपकेंद्र परिसर में बारिश का पानी भर जाने से दर्जनभर कर्मचारी आवासों में पानी घुस गया। कर्मचारियों ने बताया कि परिसर को ऊंचा करने के लिए तीन साल पहले सर्वे हुआ। इस्टीमेट भी पूर्वांचल निगम मुख्यालय को भेजा गया। उसके बाद क्या हुआ, पता नहीं चला।