डीएम के. विजयेंद्र पांडियन। (File)
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लोक निर्माण और वन विभाग का विवाद दिन प्रतिदिन गहराता जा रहा है। लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता के मौका मुआयना के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई कि पेड़ काटने में उनके विभाग की कोई संलिप्तता नही है तो मेठ ने वन विभाग के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर दी। उधर जिलाधिकारी ने उरूवा थानाध्यक्ष को बुलाकर निर्देश दिया कि पेड़ काटने वालों को गिरफ्तार करो। यह ध्यान देना कि कोई निर्दोष न फंसने पाए।
बता दें कि माल्हनपार- दशवतपुर- उरूवा मार्ग का चौड़ीकरण लोक निर्माण विभाग करा रहा है। दोनों तरफ से सड़क दो-दो मीटर चौड़ी हो रही है। सड़क के किनारे के पेड़ों को काट लिया गया। वन विभाग ने इसके लिए लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता और मेठ को जिम्मेदार मानते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया।
इसकी जानकारी जब पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता को हुई तो उन्होंने तथ्यों की जानकारी के लिए मौका मुआयना किया। मौके पर पाया कि पेड़ से पीडब्ल्यूडी का कोई लेना देना नहीं है। जहां सड़क का चौड़ीकरण हो रहा उससे 3.50 मीटर से लेकर 6.30 मीटर दूर पेड़ थे। इसकी जानकारी कमिश्नर को दी तथा उनसे कहा कि उनके मेठ को टार्चर करके जबरियां कागज पर लिखवाया कि वह जिम्मेदार है।