जनता की समस्या सुनते डीएम के विजयेंद्र पांडियन व अन्य प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी।
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सदर तहसील दिवस में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता करते हुए डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि समाधान दिवस में आने वाली समस्याओं के निस्तारण के बाद संबंधित फरियादियों को फोन कर यह फीडबैक भी लिया जाए कि वे संतुष्ट है या नहीं। अगर फरियादी अपनी समस्याओं के निस्तारण से संतुष्ट नहीं है तो मामले की जांच कराकर फिर से गुणवत्तायुक्त निस्तारण कराया जाए। उन्होंने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस, शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजना है, इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
समाधान दिवस के दौरान कुल 199 मामले आए जिनमें से 11 का मौके पर निस्तारण हुआ। बाकी बचे मामलों के निस्तारण के संबंध में डीएम ने संबंधित विभाग के अफसरों को एक सप्ताह का समय दिया है। उन्होंने कहा कि अफसर शिकायतों को संवेदनशील होकर सुने तथा उसका गुणवत्तायुक्त निस्तारण समयबद्ध ढंग से करें। समस्याओं का निस्तारण नियमों की परिधि में तथ्यों के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमि विवाद के मामलों का निस्तारण राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर जाकर करें। बैठक में एसएसपी डॉ सुनील गुप्ता, सीडीओ हर्षिता माथुर, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।